
जयपुर: कोटा में प्रसूताओं की मौत के मामलों की जांच के लिए गठित हाईलेवल कमेटी ने अपनी अंतिम रिपोर्ट चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर को सौंप दी है. हालांकि चिकित्सा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट पर तत्काल कोई अंतिम निष्कर्ष जारी नहीं किया जाएगा. पहले रिपोर्ट को लेकर चिकित्सकों से चर्चा की जाएगी, जिसमें वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों को शामिल किया गया है. इसके बाद ही रिपोर्ट जारी की जाएगी.
मामले को लेकर चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि रिपोर्ट को लेकर आज चिकित्सा विशेषज्ञों से चर्चा की जाएगी. मंत्री ने कहा कि कोटा और बीकानेर की घटना अलग है. सभी मौतों का एक समान कोई कारण नहीं था, बल्कि प्रत्येक मामले में अलग-अलग चिकित्सकीय परिस्थितियां और जटिलताएं सामने आई हैं. रिपोर्ट को कोटा, एसएमएस मेडिकल कॉलेज तथा एम्स की जांच कमेटियों से प्राप्त तथ्यों के आधार पर तैयार किया गया था.
कोटा भेजी थी टीम:
कोटा स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार के दौरान प्रसूताओं का स्वास्थ्य बिगड़ने के मामले के बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने मामले की जांच के लिए एसएमएस मेडिकल कॉलेज से चिकित्सकों की एक टीम कोटा भेजी थी. मामले को लेकर एम्स की टीम भी कोटा पहुंची थी, जिसके बाद अब रिपोर्ट चिकित्सा मंत्री को सौंप दी है. अब रिपोर्ट को लेकर वरिष्ठ चिकित्सकों से चर्चा कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी.
ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन अमानक:
कोटा में प्रसूताओं की मौत के मामले के बाद जांच के लिए उठाए गए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन के सैंपल अमानक पाए गए थे. खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय ने इस संबंध में अलर्ट नोटिस जारी कर प्रदेशभर के अस्पतालों, मेडिकल स्टोर्स और दवा वितरकों को संबंधित बैच की बिक्री और उपयोग तत्काल रोकने के निर्देश दिए थे. लैब जांच में खुलासा हुआ था कि ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बाजार में बेचा जा रहा था, उसमें ऑक्सीटोसिन तत्व ही मौजूद नहीं था.




