स्टार्टअप हीरो दीपक शारदा! तैयार किया 3D नेविगेशन आधारित मैप, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल भी हुए कायल
राजस्थान के बाड़मेर के युवा दीपक शारदा ने एक अभिनव पहल करते हुए 3D नेविगेशन आधारित भारत मैप तैयार किया है। इस ऐप की मदद से कोई भी व्यक्ति 18 मंजिला इमारत, गलियां और गांव आसानी से ढूंढ सकता है।

राजस्थान के बाड़मेर जिले के युवा दीपक शारदा ने युवाओं को प्रेरित करने वाली एक अभिनव पहल के तहत 3D नेविगेशन आधारित भारत मैप तैयार किया है। इस तकनीकी उपलब्धि की केंद्र और राज्य सरकार के साथ-साथ माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़न और गूगल जैसी बड़ी कंपनियों ने भी सराहना की है। दीपक शारदा का उद्देश्य भारत के हर गांव और गली को डिजिटल पहचान देना और आसानी से पहुंच सुनिश्चित करना है। कनाडा में पढ़ाई पूरी करने के बाद देश सेवा का जज्बा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्टार्टअप और डिजिटल क्रांति की पहल को साकार करते हुए उन्होंने यह परियोजना शुरू की।
दीपक के अनुसार भारत मैप की सबसे खासियत इसका इनडोर नेविगेशन सिस्टम है। इस तकनीक की मदद से कोई भी व्यक्ति 18 मंजिला इमारत में किसी तय फ्लैट या स्थान तक आसानी से पहुँच सकता है। गलत दिशा में जाने पर ऐप अलर्ट देता है और गंतव्य के करीब पहुँचने पर दूरी भी दिखाता है। इंटरनेट और तकनीक के जानकार दीपक ने अपने स्टार्टअप के माध्यम से देश के गांव-गांव और गलियों को जोड़ने के लिए डिजिटल मैप तैयार किया। भारत में आधार और अन्य डिजिटल पहचानों के बावजूद किसी व्यवस्थित डिजिटल पता सिस्टम की कमी थी। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए दीपक ने स्वदेशी नेविगेशन ऐप “भारत मैप” तैयार किया है। यह ऐप भविष्य की जरूरतों के अनुसार विकसित किया गया है और एंड्रॉयड व iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।
दीपक शारदा के अनुसार, ऐप की सबसे बड़ी खासियत इसकी हाई एक्यूरेसी है। यह एक मीटर के दायरे में लोकेशन बताने में सक्षम है और बंद रास्तों, गली-मोहल्लों और प्लॉट नंबर के आधार पर सटीक दिशा प्रदान करता है। फिलहाल ऐप का बीटा वर्जन लॉन्च किया गया है और यूजर्स के सुझावों के आधार पर इसे लगातार अपडेट किया जा रहा है। टीम का मुख्य फोकस 100 प्रतिशत सटीकता और यूजर फ्रेंडली अनुभव पर रहा है। ऐप को भारत के हर भौगोलिक क्षेत्र कश्मीर से कन्याकुमारी और असम से अहमदाबाद को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। ऐप लॉन्च के सात दिनों में ही 200 से अधिक कंपनियों ने इसे अपनाने की इच्छा जताई और सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर काम के लिए टीम मलेशिया, वियतनाम और मॉस्को में भी सक्रिय है।
भारत मैप ऐप में यूजर इंटरफेस ऐसा है कि कोई भी व्यक्ति एक हाथ से मोबाइल का उपयोग कर आसानी से नेविगेशन कर सकता है। कैब बुकिंग के लिए भी इसमें सुविधा दी गई है। बेहतर विजुअल अनुभव के लिए ऐप में बर्ड आई व्यू का उपयोग किया गया है। नेविगेशन वॉयस भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे आम लोग आसानी से इसे इस्तेमाल कर सकते हैं।
इस ऐप में एआर आधारित 3D नेविगेशन, एआई और मल्टीपल फोन सेंसर की मदद से तकनीकी समस्याओं का समाधान किया गया है। यह सिस्टम मॉस्को, वियतनाम और मलेशिया में परीक्षण किया जा चुका है। ऐप भारत पिन के माध्यम से हर स्थान का सात अंकों वाला डिजिटल कोड देगा, जिसमें जिले, तहसील, मोहल्ला और नुक्कड़ की जानकारी शामिल होगी।
दीपक शारदा की इस पहल को दिल्ली में आयोजित स्टार्टअप महाकुंभ में प्रोजेक्ट मोबिलिटी सेक्शन में विजेता घोषित किया गया। राजस्थान सरकार ने इनॉवेशन डे पर उन्हें 5 लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान किया। उनके पायलट प्रोजेक्ट का वीडियो भारत सरकार के आईटी विभाग तक पहुंचा और उन्हें सराहना मिली। इसके अलावा, माइक्रोसॉफ्ट ने 1.25 करोड़, अमेज़न और गूगल ने 25–50 लाख रुपये एप के अपडेशन और सर्वर क्रेडिट्स के तौर पर पुरस्कार स्वरूप दिए। दीपक शारदा की यह पहल भारत में डिजिटल पहचान और आसान नेविगेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।




