
माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं श्रीमान अध्यक्ष महोदया श्रीमती रूपा गुप्ता (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिरोही के निर्देशानुसार श्रीमती सावित्री आनंद निर्भीक, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिरोही के निर्देशन में आज दिनांक 26.11.2025 को संविधान दिवस के उपलक्ष में “माधव यूनिवर्सिटी” में “बाल संसद” का भव्य एवं शिक्षाप्रद आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक प्रणाली, संसद की कार्यप्रणाली, कानून निर्माण की प्रक्रिया तथा जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारियों के प्रति व्यवहारिक ज्ञान प्रदान करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय के प्रांगण में आयोजित उद्घाटन सत्र से हुई, जहाँ छात्र-छात्राओं को बाल संसद की रूपरेखा, संसद सत्र के संचालन के नियम और प्रत्येक भूमिका के महत्व के बारे में बताया गया। इसके पश्चात विद्यार्थियों को विभिन्न संवैधानिक पदों का दायित्व सौंपा गया, जिनमें प्रमुख रूप से श्री विक्रम गोयल ने प्रधानमंत्री, सुश्री विद्यी भाटी ने स्पीकर, श्री चन्द्रशेखर ने अखिलेश यादव, श्री मुकेश कुमार ने रक्षामंत्री श्री राजनाथ सिंह का, एवं इसी प्रकार अन्य विद्यार्थीयों ने विभिन्न रोल जैसे लोकसभा एवं राज्यसभा सांसद, विधायक, आदि का रोल किया। संसद का एक पूर्ण सत्र का आयोजन किया गया
प्रातःकालीन सत्र की शुरुआत स्पीकर द्वारा कार्यवाही प्रारंभ करने से होती है, जिसके बाद प्रश्नकाल में सांसद विभिन्न मंत्रालयों से जुड़े प्रश्न पूछते हैं और मंत्री उत्तर देते हैं। इसके पश्चात शून्यकाल में बिना पूर्व सूचना के जनहित के मुद्दे उठाए जाते हैं। इसके बाद विधायी कार्य में नए विधेयक प्रस्तुत किए जाते हैं, उन पर चर्चा एवं बहस होती है और फिर मतदान के माध्यम से निर्णय लिया जाता है। अंत में स्पीकर पूरे दिन की कार्यवाही का सार प्रस्तुत कर अगले दिन की कार्यसूची की घोषणा करते हैं और सदन की कार्यवाही स्थगित की जाती है।
बाल संसद सत्र में छात्रों ने वास्तविक संसद की तरह प्रश्नकाल, शून्यकाल, विभिन्न विषयों पर चर्चा, जनहित के मुद्दों पर प्रस्ताव पेश करना और उस पर विचार-विमर्श करने जैसी गतिविधियों को अत्यंत उत्साहपूर्वक निभाया। इस दौरान विद्यार्थियों ने कई बिल जैसे पीड़ित प्रतिकरगरीबी उन्मूलन, शिक्षा सुधार, पर्यावरण संरक्षण, महिला सुरक्षा, साइबर क्राइम जागरूकता और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा की और समाधान प्रस्तुत किए। कार्यक्रम की विशेष आकर्षण एक “नाट्य-अभिनय (स्किट)” रहा, जिसमें छात्रों ने लोकतांत्रिक व्यवस्था, कानून के महत्व, नागरिक अधिकारों और कर्तव्यों के विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति में दिखाया गया कि किस प्रकार जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं को संसद में उठाते हैं और किस प्रकार कानून समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।
इस अवसर पर उपस्थित सावित्री आनंद निर्भीक, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिरोही ने कहा कि बाल संसद जैसी गतिविधियाँ बच्चों और युवाओं को संवैधानिक साक्षरता, नैतिक मूल्यों तथा लोकतांत्रिक जिम्मेदारियों को समझने में अत्यंत सहायक सिद्ध होती हैं। कार्यक्रम ने छात्रों में नेतृत्व, संवाद कौशल एवं निर्णय क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। माधव यूनिवर्सिटी के शिक्षकों, प्राध्यापकों, डीएलएसए टीम और सभी संबंधित इकाइयों के सहयोग से यह कार्यक्रम अत्यंत सफल रहा। अंत में छात्र प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया। इस दौरान डॉ.कार्यालय सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिरोही (राजस्थान)
डी. के. उपाध्याय डीन, डॉ विद्या शक्तावत डॉ संदीप गहलोत, डॉ सुरेंद्र मीना, डॉ सुरेश कुमार, डॉ. मनोज कुमार यादव डॉ. दुष्यंत कुमार, डॉ मीनू दायमा, श्री मानवेन्द्र राजपुरोहित, श्रीमती विनता मीना एवं समस्त विद्यार्थी उपस्थित रहे।


