सफाईकर्मी के फर्जी डॉक्टर बनने की अजब कहानी, पुलिस केस में बना दी मेडिकल रिपोर्ट, वीडियो वायरल हुआ तो मची हलचल
मारपीट के प्रकरण में पुलिस अधिकारी जब पीड़ितों को स्वास्थ्य केंद्र ले गए तो आरोपी ने फर्जी मेडिकल रिपोर्ट बना दी. करीब महीनेभर पुराने इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है

बाड़मेर जिले में सफाईकर्मी ने फर्जी डॉक्टर बनकर मेडिकल रिपोर्ट बना दी. गिराब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत लेब क्लीनर संविदा कर्मचारी हठेसिंह की करतूत का वीडियो भी वायरल हो गया. हालांकि घटना 1 महीने पहले की बताई जा रही है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है. सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं
मारपीट के केस में बनाई रिपोर्ट
दरअसल, दीपावली (20 अक्टूबर) को दलित समुदाय के 2 व्यक्तियों के साथ मारपीट हुई. इस संबंध में 21 अक्टूबर को गिराब थाने में एफआईआर दर्ज हुई. दोनों ही पीड़ितों का मेडिकल करवाने के लिए जांच अधिकारी गिराब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे. वहां कार्यरत संविदा सफाई कर्मचारियों ने खुद को डॉक्टर बनाते हुए फर्जी मेडिकल रिपोर्ट बना दी और चिकित्सक के साइन करके मुहर भी लगा दी
सीएमएचओ बोले- मामला हाल ही में संज्ञान में आया
कुछ दिन पहले मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को इसकी शिकायत भी दी गई. लेकिन सीएमएचओ डॉ. विष्णुराम विश्नोई का कहना है, “मामला कुछ दिन पहले ही मेरे संज्ञान में आया था और मैं कल जोधपुर चला गया था. अब वापस आया हूं तो दो चिकित्सकों की कमेटी बनाकर जांच करवाई जाएगी.”
पहले भी दर्ज किए जा चुके हैं कई मामले
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत संविदा सफाई कर्मी हठेसिंह पर पहले भी कई मामले दर्ज है. बताया यह भी जा रहा है कि संविदा सफाईकर्मी की पहले भी सेवाएं समाप्त की गई थी. लेकिन राजनीतिक रसूख के चलते उसे फिर से मौका मिल गया




