
बीकानेर : बीकानेर में खेजड़ी को बचाने के लिए संतों के साथ महिला-पुरुष भी धरने पर बैठे हैं।
बीकानेर में खेजड़ी बचाने को लेकर चल रहा आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा। 363 संतों के साथ लोगों ने अनशन-धरना दिया। लोग आंखों पर पट्टी बांध अनशन-धरने पर बैठे। संतों के साथ कई भक्तों ने खाना छोड़ने का निर्णय लिया।
पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने भी आंदोलन का समर्थन किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर खेजड़ी की पूजा करते हुए फोटो शेयर की। उन्होंने लिखा- मैं भी खेजड़ी की पूजा करती हूं। राजनीति से ऊपर उठकर हमें इसके संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए। इसे बचाना चाहिए। मैं खेजड़ी और ओरण (गोचर भूमि) को बचाने की मुहिम में सबके साथ हूं।
पूर्व मंत्री गोविंदराम मेघवाल ने कहा- सीएम भजनलाल चाहें तो आज ही विधानसभा में घोषणा कर सकते हैं कि ये कानून बनाया जाएगा। दो दिन के अंदर कानून बनना चाहिए।
सोमवार को महापड़ाव में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। शाम तक चले इस महापड़ाव के बाद देर रात समाज के लोग कलेक्ट्रेट के पास बलने बिश्नोई धर्मशाला पहुंचे और मंगलवार को अनशन शुरू किया।
मंगलवार को अनशन शुरू किया।
संत सच्चिदानंद ने बताया- बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं भी यहां पहुंचीं। उन्होंने कहा- हमारी मांग है कि जब तक ट्री प्रोटेक्शन एक्ट लागू नहीं हो जाता, तब तक एक पेड़ भी नहीं कटना चाहिए।




