दिल्ली-जयपुर हाईवे पर दो साल में 41 मौतें, आरटीआई से हुआ खुलासा, वजह जानकर चौंक जाएंगे!
पिछले दो वर्षों में दिल्ली-जयपुर हाईवे पर खेड़की दौला टोल प्लाजा और हरियाणा बॉर्डर पर जयसिंहपुरा खेड़ा के बीच हादसों में कम से कम 41 लोगों की मौत हो गई है। कारण जानकर चौंक जाएंगे आप।

गुरुग्राम के पास दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक आरटीआई के जवाब में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) (एनएचएआई) ने बताया कि पिछले दो वर्षों में 41 लोगों की मौत इस हाईवे के एक ही हिस्से में सड़क हादसों के कारण हुई है। यह खतरनाक स्ट्रेच खेड़की दौला टोल प्लाजा से जैसिंहपुरा खेड़ा (हरियाणा सीमा) तक फैला हुआ है।
स्ट्रीट लाइट बंद होने की बड़ी वजह सामने आई
एनएचएआई ने आरटीआई के जवाब में यह भी स्वीकार किया कि इस हाईवे के कई हिस्सों में स्ट्रीट लाइट्स काम नहीं कर रही हैं। इसकी मुख्य वजह बिजली के केबल, पैनल और लाइटिंग उपकरणों की चोरी बताई गई है, जिससे रात के समय हादसों का खतरा और बढ़ जाता है।
कब शुरू होगा स्ट्रीट लाइट मरम्मत का काम?
रिपोर्ट के मुताबिक, एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर योगेश तिलक ने बताया कि स्ट्रीट लाइट्स की मरम्मत और रखरखाव के लिए एक विशेष ठेकेदार नियुक्त किया जा रहा है। उनके अनुसार, इस दिशा में काम 10 मार्च 2026 तक शुरू हो जाएगा। इसके लिए ऑपरेशन और मेंटेनेंस का टेंडर खोला जा चुका है। और फिलहाल तकनीकी मूल्यांकन की प्रक्रिया चल रही है।
सड़क सुरक्षा के लिए कौन से इंतजाम किए गए?
एनएचएआई का कहना है कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ठेकेदार द्वारा आईआरसी गाइडलाइंस के अनुसार डायवर्जन बनाए गए हैं। इसके अलावा:
▶️ डायवर्जन बोर्ड लगाए गए हैं
▶️ ब्लिंकिंग लाइट्स का इस्तेमाल किया गया है
▶️ निर्माण स्थलों पर उचित बैरिकेडिंग की गई है
इन उपायों का उद्देश्य काम के दौरान यातायात को सुरक्षित तरीके से संचालित करना है।
फ्लाईओवर और निर्माण कार्य की स्थिति
इस पूरे स्ट्रेच पर कुल 14 फ्लाईओवर हैं, जिनमें से 5 फ्लाईओवर अभी निर्माणाधीन हैं। एनएचएआई ने बताया कि इन फ्लाईओवरों पर भी स्ट्रीट लाइट्स को चालू करने की योजना है।
बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन
एनएचएआई ने जानकारी दी कि स्ट्रीट लाइट्स को चालू करने के लिए दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) को बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन भेज दिया गया है। जैसे ही स्वीकृति मिलेगी, मौजूदा और निर्माणाधीन दोनों तरह के फ्लाईओवरों पर लाइट्स चालू कर दी जाएंगी।
RTI से उजागर हुई जमीनी हकीकत
यह आरटीआई गुरुग्राम निवासी यशवेंद्र यादव द्वारा दायर की गई थी। जिसके जवाब से साफ होता है कि बुनियादी सुविधाओं की कमी और रखरखाव में देरी जानलेवा साबित हो रही है। अब देखना होगा कि एनएचएआई द्वारा किए गए वादे जमीन पर कितनी जल्दी और कितनी प्रभावी तरीके से लागू होते हैं।




