
जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘युवा संवाद एवं मेगा पीटीएम’ के दौरान 1000 करोड़ रुपये की सौगातें दीं। शिक्षा, कौशल विकास और विदेशी भाषा स्कूल की घोषणा के साथ राजस्थान के 75 लाख विद्यार्थियों ने सामूहिक सरस्वती वंदना की। सरकार ने डीबीटी के जरिए छात्राओं को साइकिल और पेंशन लाभार्थियों को करोड़ों की राशि ट्रांसफर की, जो प्रदेश के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है।
है। जयपुर। राजस्थान की गुलाबी नगरी आज एक ऐतिहासिक बदलाव की साक्षी बनी, जहाँ मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश की युवा शक्ति को राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए शिक्षा और सशक्तिकरण के क्षेत्र में निवेश की नई इबारत लिख दी। बसंत पंचमी और नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती के पावन अवसर पर जयपुर के कॉमर्स कॉलेज में आयोजित ‘सरस्वती वंदन, युवा संवाद एवं मेगा पीटीएम’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के विद्यार्थियों के लिए 1000 करोड़ रुपये से अधिक की सौगातों का पिटारा खोल दिया। इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री ने एक दूरदर्शी निर्णय लेते हुए जयपुर में ‘विदेशी भाषा संचार कौशल स्कूल’ खोलने की घोषणा की, जो प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा।
कार्यक्रम का आरंभ भक्ति और पराक्रम के संगम के साथ हुआ, जहाँ प्रदेशभर के 75 लाख विद्यार्थियों ने एक साथ सामूहिक सरस्वती वंदना कर शिक्षा की देवी को नमन किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी शिक्षा की वह ‘त्रिवेणी’ हैं, जिनके आपसी तालमेल से ही एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। मेगा पीटीएम (अभिभावक-शिक्षक बैठक) के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में विश्वास और सहयोग की एक नई कड़ी जोड़ी गई है, जिससे राजकीय विद्यालयों के शैक्षणिक वातावरण में क्रांतिकारी सुधार देखने को मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार हर कदम पर युवाओं के साथ खड़ी है और पूर्ववर्ती शासन में पेपरलीक जैसी घटनाओं से टूटे युवाओं के सपनों को अब कठोर कार्रवाई और पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं के माध्यम से सुरक्षा प्रदान की जा रही है।
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने मंच से एक क्लिक के माध्यम से करोड़ों रुपये की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित की। इसमें 3 लाख 34 हजार छात्राओं के लिए 130 करोड़ रुपये की निःशुल्क साइकिल योजना का शुभारंभ, गार्गी पुरस्कार और अन्य बालिका योजनाओं के तहत 126.81 करोड़ रुपये की डीबीटी, तथा 4 लाख 40 हजार विद्यार्थियों के लिए 53 करोड़ रुपये के ट्रांसपोर्ट वाउचर शामिल हैं। इतना ही नहीं, सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत 55 लाख से अधिक लाभार्थियों को लगभग 700 करोड़ रुपये की राशि भी अंतरित की गई। मुख्यमंत्री ने ‘निपुण राजस्थान’ कार्यक्रम और विद्यालयों में ‘कृष्णभोग’ के आयोजन की भी सराहना की, जो बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए एक अभिनव पहल है।
मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोधपुर, कोटा, भरतपुर, बीकानेर और उदयपुर के छात्र-छात्राओं और अभिभावकों से सीधा संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ने और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। इस गरिमामयी समारोह में उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने भी शिरकत की और नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के जीवन को युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। कार्यक्रम में सासंद श्रीमती मंजू शर्मा, श्री राव राजेन्द्र सिंह, विधायक श्री गोपाल शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री कुलदीप रांका और शासन सचिव श्री कृष्ण कुणाल सहित शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे। वंदे मातरम के गायन में वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज होने पर मुख्यमंत्री को सर्टिफिकेट भेंट करना इस दिन की उपलब्धियों में चार चांद लगा गया।
यह आयोजन केवल एक सरकारी समारोह नहीं, बल्कि राजस्थान के विकास की उस नई दिशा का संकेत है जहाँ तकनीक, संस्कार और कौशल विकास के माध्यम से युवा पीढ़ी को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया गया है। मुख्यमंत्री का यह संवाद और दी गई वित्तीय सहायता निश्चित रूप से प्रदेश के अंतिम छोर पर बैठे विद्यार्थी के सपनों को ऊंची उड़ान देने का काम करेगी।




