
बाड़मेर। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय फॉगलिया के प्रिंसिपल देवाराम बोला ने बताया कि व्यवसायिक शिक्षा के अंतर्गत संचालित विषय एग्रीकल्चर के तहत कक्षा नवमी एवं दसवीं के छात्र-छात्राओं का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। जिसमें विद्यालय के प्रिंसिपल बोला ने बताया कि इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को कृषि एवं पशुपालन से संबंधित व्यवहारिक ज्ञान प्रदान करना था। इस क्रम में विद्यार्थियों को प्रगतिशील किसान हरीश भाखर ने भाखर एग्रो टूरिज्म एवं नवाचार केंद्र, जानपालियापर आधुनिक एवं पारंपरिक कृषि पद्धतियों की विस्तृत जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को नेपियर घास, सेवन धामन, कुरी, डेंचा, थार शोभा खेजड़ी एवं नींबू के पौधों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया इसकी बुवाई से उत्पादन तक की विधियों को नजदीक से देखा। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को केंचुआ खाद (वर्मी कम्पोस्ट) के निर्माण की प्रक्रिया, उसके लाभ एवं जैविक खेती में उपयोग पर प्रकाश डाला! गोबर गैस प्लांट के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन एवं जैविक अपशिष्ट के सदुपयोग के बारे में भी विस्तार से बताया गया! श्री भोपाल सिंह वरिष्ठ अध्यापक ने बताया कि भ्रमण के दौरान विधार्थियों को राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत भेड़ फार्म का अवलोकन कराया गया, जहाँ विद्यार्थियों को भेड़ पालन की आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्राप्त हुई। अध्यापक देवा राम गोदारा ने बताया कि थारपारकर गाय की नस्ल, दुग्ध उत्पादन क्षमता एवं पालन से होने वाले लाभों के बारे में भी विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी गई। बालू सिंह वरिष्ठ अध्यापक ने बताया कि यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ। इससे विद्यार्थियों में कृषि एवं पशुपालन के प्रति रुचि बढ़ी तथा उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसरों की समझ विकसित हुई। अंत श्री अमीत कुमार ने विद्यालय परिवार की ओर से द्वारा फार्म प्रबंधन एवं मार्गदर्शकों का आभार व्यक्त किया गया।




