
राज्य से पहले से बनाई गई योजना के अनुसार 5 जिलों में एक दिन का एफसीएम (Ferric Carboxymaltose) मास ड्राइव आयोजित किया गया। इस दौरान कुछ जिलों ने बहुत अच्छा काम कर राज्य स्तर पर मिसाल पेश की।
सिरोही जिले में सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी, आरसीएचओ डॉ. रितेश सांखला एवं उनकी टीम ने एक ही दिन में 1466 गर्भवती महिलाओं को एफसीएम इंजेक्शन लगाकर राज्य में पहला स्थान हासिल किया।

इसी क्रम में अजमेर जिले में 664, झालावाड़ में 453, जालौर में 299 और करौली जिले में 194 गर्भवती महिलाओं को एफसीएम इंजेक्शन लगाए गए।
हालांकि कई अन्य जिलों में यह अभियान अपेक्षा के अनुरूप नहीं चल पाया और वहाँ बहुत कम संख्या में एफसीएम इंजेक्शन लगाए गए।

एफसीएम इंजेक्शन खून की कमी से पीड़ित गर्भवती महिलाओं जिनका हीमोग्लोबिन 5.6 से 9.9 ग्राम के बीच में है को लगाया जाता है। एफसीएम का एक इंजेक्शन लगने के बाद लगभग एक महीने में महिला के शरीर में खून की मात्रा 2 से 3 ग्राम तक बढ़ जाती है, जिससे गर्भवती महिला की कमजोरी, चक्कर आना और थकान जैसी समस्याओं में स्पष्ट सुधार देखने को मिलता है।
जरूरत पड़ने पर दूसरा एफसीएम इंजेक्शन 4 से 6 हफ्ते के अंतराल के बाद लगाया जाता है। महिलाओं से एक माह बाद लिया गया फीडबैक भी काफी सकारात्मक बताया गया है।

अभी तक राज्य में कुल 1,28,865 एफसीएम इंजेक्शन लगाए जा चुके हैं, जबकि लक्ष्य 4 लाख गर्भवती महिलाओं तक यह सुविधा पहुँचाने का रखा गया है। सभी जिलों से अपील की गई है कि वे इस तरह के विशेष अभियान चलाकर ज्यादा से ज्यादा गर्भवती महिलाओं को लाभ पहुंचाएं, ताकि एनीमिया मुक्त गर्भावस्था और सुरक्षित मातृत्व का लक्ष्य पूरा किया जा सके।
सरकार के निर्देशों के अनुसार यह इंजेक्शन केवल दूसरी और तीसरी तिमाही की गर्भवती महिलाओं को ही लगाया जा रहा है, जिससे इलाज पूरी तरह सुरक्षित रहे।
इस उपलब्धि पर राज्य स्तर पर सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी, आरसीएचओ डॉ. रितेश सांखला एवं उनकी पूरी टीम को बधाई दी गई।
यह अभियान गर्भवती महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य, सुरक्षित प्रसव और स्वस्थ बच्चे के जन्म की दिशा में एक अहम कदम साबित हो रहा है।जिले में कुल 9890 गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को एफसीएम इंजेंक्शन लगाया जाना है जिसमे से कुल 6082 महिलायो को लगाया जा चुका है । डॉ खराडी ने बताया की शेष महिलाओं को अतिशीघ्र इंजेक्शन लगाए जाएँगे जिसके लिए आमजन से आग्रह किया है की अपने घर एवं अड़ोस पड़ोस की गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को इस बाबत समझाये ।




