
समापन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी ने सरकार द्वारा चलाई जा रही राहवीर योजना पर बल देते हुए कहा कि दुर्घटना में घायल की जरूर मदद करनी चाहिए इसके लिए सरकार प्रोत्साहन राशि भी देती है। उन्होंने दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट जरूर लगाना चाहिए , प्राय देखा जाता है कि हैलमेट को बाईक पर लटका देते है, ऐसा नहीं कर उसका हेलमेट पहनकर ही वाहन चलाना चाहिए।उन्होंने छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि तत्काल मदद के लिए अति आवश्यक नम्बर भी अपने मोबाइल में रखने चाहिए ताकि सड़क दुर्घटना में तुरंत सूचित किया जा सके। विभिन्न प्रतियोगिताओं में अव्वल आने पर छात्र-छात्राओं एवं अधिकारियों व कार्मिकों को प्रशस्ति पत्र एवं मेमोटो प्रदान करते हुए उन्हें बधाई दी।
जिला पुलिस अधीक्षक डाॅ प्यारेलाल शिवरान ने कहा कि हमें यातायात नियमों का पालन केवल चालान से बचने के लिए नहीं बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से जो जागरूकता आई है, उसे अपने जीवन में अपनाए। सदैव यातायात के नियमों की पालना करनी चाहिए। कार्यक्रम के पूर्व निरीक्षक विनित ने एक माह का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

इस कार्यक्रम में विभाग द्वारा चित्रकला, निबंध प्रतियोगिता में अव्वल आने वाले एवं 26 जनवरी को विभाग की झांकी तृतीय स्थान प्राप्त होने पर अधिकारियों एवं कार्मिकों तथा यातायात प्रभारी पुलिस मय दल को प्रशस्ति पत्र एवं मेमोटो प्रदान किए।
जिला परिवहन अधिकारी श्रीमती अक्षमिता राठौड़ ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सम्बांेधन में कहा कि पूर्व वर्षो की भांति सडक सुरक्षा अभियान का यह चैथा संस्करण है, इस माह का मुख्य उद्देश्य सीख से सुरक्षा, प्रौद्योगिकी से परिवर्तन रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय सडक सुरक्षा हम सभी की प्राथमिकता है। यातायात नियमों का पालन अपने जीवन रक्षा के लिए करना चाहिए।

इस कार्यक्रम में पुलिस उपाधीक्षक मुकेश चैधरी, उत्थमण टोल प्लाजा के प्रबंधक संदीप शर्मा, परिवहन निरीक्षक हरिराम , जुहारमल , प्रेम सिंह, नीरव मीणा, प्रवेश कुमार, प्रकाश डाबी, राजेश मीणा, खुशबू मालवान, यातायात प्रभारी राजेश मय दल, टैक्सी व वाहन यूनियन के सदस्यगण तथा विभिन्न विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन राकेश पुरोहित ने किया।




