SI भर्ती में नियम दरकिनार और बन गए थानेदार? अभ्यर्थियों की याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट में अधिकारी तलब
राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देश पर विभाग ने तीन शपथपत्र भी दाखिल किए थे. जब संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो कोर्ट ने तत्कालीन एडीजीपी को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने के निर्देश दिए

राजस्थान पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती-2016 के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने तत्कालीन अधिकारी को तलब किया है. मामला भर्ती के दौरान हाइट मापन की कथित अनियमितताओं से जुड़ा है. हाईकोर्ट ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाया है. जस्टिस अशोक कुमार जैन ने तत्कालीन एडीजीपी (Promotion & Recruitment Board) सचिन मित्तल को 30 जनवरी को सुबह 10:30 बजे व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर होने के निर्देश दिए. प्रक्रिया पर आपत्ति जाहिर करने वाले कई अभ्यर्थियों का कहना है कि इस हाइट के मापदंड में गलत छूट देकर कई अभ्यर्थियों को पास कर दिया गया
168 सेमी हाइट निर्धारित, फिर छूट क्यों?
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता तनवीर अहमद ने पक्ष रखा. याचिकाकर्ता प्रताप मीणा समेत अन्य अभ्यर्थियों की दलील है, “हाइट में छूट का लाभ लेने वाले कुछ उम्मीदवारों की असल लंबाई 168 सेमी से कम थी. फिर भी रिकॉर्ड में अधिक दिखाकर उन्हें थानेदार बना दिया गया. नियमों के मुताबिक, फिटनेस प्रमाणपत्र के बिना छूट नहीं मिलनी चाहिए थी.”
कोर्ट विभाग की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं
इससे पहले, मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने रिपोर्ट तलब की थी. कोर्ट ने 14 मार्च 2024 को याचिकाकर्ताओं, निजी प्रतिवादियों की हाइट-चेस्ट रिपोर्ट और नियुक्ति के समय मापन विवरण पेश करने को कहा था. इस संबंध में विभाग ने तीन शपथपत्र भी दाखिल किए, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर अधिकारियों की हाजिरी अनिवार्य की गई




