
जयपुर: राजस्थान में सरकारी नौकरी पाने का सपना अब ‘जीरो’ नंबर पर भी सच हो रहा है। अमूमन प्रतियोगी परीक्षाओं में एक-एक नंबर के लिए कड़ा संघर्ष होता है, लेकिन कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से जारी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती के परिणाम ने सबको हैरान कर दिया है। 200 अंकों की परीक्षा में 0.0033 या शून्य अंक लाने वाले अभ्यर्थी भी सरकारी कर्मचारी बनकर सेवाएं देंगे।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने शनिवार को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का वरीयता से विस्तृत परिणाम जारी किया है। इसमें दस से अधिक श्रेणियां ऐसी हैं, जिन परीक्षार्थियों का कट ऑफ शून्य रहा है। इस परीक्षा में 120 सवाल आए थे। पूर्णांक 200 अंकों का था। इस भर्ती के माध्यम से 53,750 युवाओं को सरकारी नौकरी मिलेगी। अभी दो गुना पदों के लिए कट ऑफ जारी की गई है।
वर्ग कटऑफ:
अनारक्षित एक्स एक्स सर्विसमैन- 0.0033
एससी विधवा- 0.0033
एसटी विधवा- 0.0033
ईडब्ल्यूएस विधवा- 0.2585
ओबीसी विधवा- 0.0033
एमबीसी विधवा- 0.0033
(गैर अनुसूचित क्षेत्र)
अनुसूचित क्षेत्र वर्ग कटऑफ:
अनारक्षित विधवा- 4.6143
एक्स सर्विसमैन- 3.0184
एससी विधवा- 0.2731
एसटी विधवा- 0.0033
एक्स सर्विसमैन अनुपलब्ध:
अधिकतर श्रेणियों में एक्स सर्विसमैन अनुपलब्ध रहे। इनके अलावा अनेक श्रेणी के दिव्यांगों की कट ऑफ भी लगभग शून्य रही। वहीं, उत्कृष्ट खिलाड़ियों की कटऑफ भी लगभग शून्य रही है।
सहरिया वर्ग चारों में शून्य:
नॉन टीएसपी क्षेत्र में सहरिया जनजाति वर्ग के सामान्य, महिला, विधवा और तलाकशुदा का कट ऑफ लगभग शून्य रहा है।
26 हजार से ज्यादा ने नहीं भरे गोले:
इस परीक्षा में शामिल होने वालों की संख्या बीस लाख से ज्यादा थी। इनमें 26 हजार 436 अभ्यर्थी ऐसे भी थे, जिन्होंने दस प्रतिशत से अधिक प्रश्नों में से किसी भी विकल्प को नहीं भरा, ऐसे में कर्मचारी चयन बोर्ड ने उनको अयोग्य घोषित कर दिया है। यह परीक्षा 19 से 21 सितंबर 2025 के बीच छह पारियों में हुई थी।
एक्सपर्ट व्यू…:
इस भर्ती में न्यूनतम अंकों का प्रावधान लागू नहीं है। ऋणात्मक अंकन पर भी नियुक्ति मिल सकेगी। अभी यह कटऑफ दो गुना पदों के लिए है।
हितेश शर्मा, कॅरिअर काउंसलर
अनेक परीक्षाओं में चालीस प्रतिशत न्यूनतम अंकों का प्रावधान होता है, लेकिन चतुर्थ श्रेणी भर्ती परीक्षा में जिनकी कट ऑफ शून्य रही है, वे भी सरकारी नौकरी लग सकेंगे।
आलोक राज, चेयरमैन, कर्मचारी चयन बोर्ड



