गोविंद सिंह डोटासरा का बड़ा आरोप, बोले- ‘शाह-संतोष के दौरे के बाद से राजस्थान में चल रहा षडयंत्र’
जानकारों की मानें तो बाड़मेर और पश्चिमी राजस्थान में कांग्रेस का मजबूत कैडर भाजपा के लिए हमेशा चुनौती रहा है. अब डोटासरा ने 'अमित शाह' का नाम लेकर इस मुद्दे को राष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया है

राजस्थान में आगामी पंचायती राज और निकाय चुनाव से पहले सियासी पारा चढ़ गया है. बुधवार को बाड़मेर के धोरीमना में आयोजित ‘जन आक्रोश रैली’ में शामिल होने पहुंचे कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार पर ‘चुनावी साजिश’ का गंभीर आरोप लगाया है. डोटासरा ने दावा किया कि अमित शाह और बीएल संतोष (BL Santosh) के जयपुर दौरे के बाद एक सोची-समझी रणनीति के तहत कांग्रेस कार्यकर्ताओं के वोट काटे जा रहे हैं
‘कोर्ट भी नहीं कर पा रहा मदद’
सर्किट हाउस में कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए डोटासरा ने कहा कि भाजपा सरकार ने जानबूझकर गलत परिसिमन किया है. उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि परिसिमन की प्रक्रिया इस तरह उलझाई गई है कि अब इस मामले में कोर्ट भी हस्तक्षेप नहीं कर पा रहा है
‘फॉर्म नंबर 7’ के जरिए नाम काटने का खेल
डोटासरा ने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली के नेताओं के इशारे पर उपखंड अधिकारियों (SDM) को ‘फॉर्म नंबर 7’ थमा दिए गए हैं. इनका उपयोग कर कांग्रेस समर्थकों और कार्यकर्ताओं के नाम मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं
‘पेन ड्राइव में है 5 लाख वोट काटने का डेटा’
कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग के बाद डोटासरा ने एक्स पर एक पोस्ट भी लिखी, जिसमें आरोप लगाया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के जयपुर दौरे के बाद मुख्यमंत्री आवास (CMR) से एक विशेष पेन ड्राइव जारी की गई है. डोटासरा के अनुसार, इस पेन ड्राइव में प्रदेश की हर विधानसभा से 4 से 5 हजार कांग्रेस समर्थित वोट कटवाने का डेटा है. यानी पूरे प्रदेश में करीब 5 लाख वोट काटने का ब्लूप्रिंट तैयार है
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने खुलासा किया कि SIR पर अंतिम आपत्ति दर्ज कराने की तारीख 15 जनवरी है. इससे ठीक पहले, CMR के जरिए यह डेटा भाजपा नेताओं तक पहुंचाया गया है
‘कार्यकर्ता मुकाबले को तैयार रहें’
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी इस दौरान भाजपा पर निशाना साधा और कार्यकर्ताओं से एकजुट होने की अपील की. उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ चुनाव की नहीं, बल्कि ‘लोकतंत्र को बचाने’ की है. कांग्रेस नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे मतदाता सूचियों की बारीकी से जांच करें और किसी भी अवैध नाम कटौती का पुरजोर विरोध करें
हालांकि यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर मतदाता सूची को लेकर आरोप लगाए हों. पिछले कुछ समय से इस मुद्दे पर लगातार राजनीति हो रही है. भाजपा नेतृत्व का तर्क रहता है कि परिसीमन और मतदाता सूची का अपडेशन एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसमें राजनीतिक हस्तक्षेप संभव नहीं है
‘कांग्रेस की जीत का मिला आश्वासन’
सर्किट हाउस में कार्यकर्ताओं से संवाद के बाद का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें गोविंद सिंह डोटासरा कार्यकर्ताओं से कह रहे हैं कि ‘आप टेंशन मत लो. सबकुछ ठीक कर देंगे’. इसके बाद वीडियो में पीछे से एक कार्यकर्ता की आवाज आती है और वो कह रहे हैं कि ‘हमारा पूरा फोकस मतदाता सूची पर है. अगर पिछली बार की तरह चुनाव हुए तो आगामी पंचायती राज और निकाय चुनाव में कांग्रेस की ही जीत होगी.’




