AjmerE-Paperक्राइमखेलटेक्नोलॉजीटॉप न्यूज़दुनियायुवाराजनीतिराजस्थानराज्यलोकल न्यूज़

जयपुर: पाकिस्तान ऑनलाइन ऐप्स के जरिए कर रहा ब्रेनवाश, 37 बच्चों का निकला ISI कनेक्शन

🌍 सिरोही जालोर 📽️ लाइव मिडिया 🎤

जयपुर: भारत में व्हाइट कॉलर टेररिज़्म के मामलों के बीच अब सुरक्षा एजेंसियों के सामने एक और गंभीर चुनौती उभरकर आ रही है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI पर आरोप है कि वह 14 से 17 साल के नाबालिगों को अपने जासूसी नेटवर्क में शामिल कर रही है। यह खुलासा सुरक्षा एजेंसियों की हालिया जांच में हुआ है, जिससे पूरा सिस्टम को अलर्ट मोड पर है।

37 से ज्यादा नाबालिग ISI से कनेक्टेड:

सूत्रों के मुताबिक अब तक ISI से जुड़े इस टीनएज स्पाई नेटवर्क में 37 से अधिक नाबालिगों की पहचान की जा चुकी है। इनमें से 12 किशोर पंजाब और हरियाणा से हैं, जबकि लगभग 25 नाबालिग जम्मू-कश्मीर से जुड़े बताए जा रहे हैं। इन बच्चों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और अनकन्वेंशनल ऐप्स के जरिए निशाना बनाया गया।

पठानकोट से हुआ बड़ा खुलासा:

इस खतरनाक नेटवर्क का पर्दाफाश तब हुआ जब पठानकोट पुलिस ने दो दिन पहले एक 15 वर्षीय लड़के को गिरफ्तार किया। उसके मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में सामने आया कि ISI हैंडलर्स ने कई किशोरों को डिजिटल माध्यम से ब्रेनवॉश कर अपने लिए काम पर लगाया था।

सुरक्षा ठिकानों की जासूसी करवा रही थी ISI:

जांच में खुलासा हुआ है कि इन नाबालिगों से सुरक्षा ठिकानों की तस्वीरें खिंचवाना, सुरक्षाबलों की मूवमेंट और काफिलों की जानकारी जुटाना, साथ ही आतंकी संगठनों के लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया कराना जैसे काम कराए जा रहे थे।

लिंक क्लिक करते ही फोन हुआ हैक:

पठानकोट में पकड़े गए नाबालिग के फोन को पाकिस्तानी हैंडलर्स ने एक खतरनाक साइबर तकनीक से क्लोन कर लिया था। ISI की ओर से भेजे गए एक लिंक पर क्लिक करते ही उसका मोबाइल पूरी तरह हैक हो गया और फोन में मौजूद सारा डेटा सीधे ISI ऑपरेटिव्स तक पहुंच गया।

जांच में सामने आ रहे चौंकाने वाले तथ्य:

पठानकोट के एसएसपी दलजिंदर सिंह ढिल्लों ने इस मामले पर कहा कि जांच लगातार जारी है और इसमें कई बेहद चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। उन्होंने संकेत दिए कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

बॉर्डर इलाकों में अलर्ट:

इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरे देश में हाई अलर्ट पर हैं। विशेष रूप से सीमावर्ती इलाकों में किशोरों की ऑनलाइन गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि यह ISI की नई रणनीति है, जिसमें कम उम्र के बच्चों को आसानी से बहकाकर देश की सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है।

सिरोही जालोर लाइव न्यूज़

माउंट आबू की वादियों से लेकर सांचौर के रेगिस्तान तक और भीनमाल की ऐतिहासिक धरती से लेकर शिवगंज के बाज़ारों तक, हमारी टीम ज़मीनी स्तर पर सक्रिय है। हम केवल खबरें ही नहीं दिखाते, बल्कि आम जनता की आवाज़ को प्रशासन तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम भी हैं। नमस्ते, मैं [ Kरावल ] हूँ, एक स्वतंत्र पत्रकार और [ सिरोही जालौर न्यूज़ ] का संस्थापक। सिरोही और जालोर की मिट्टी से जुड़ा होने के नाते, मेरा लक्ष्य अपने क्षेत्र की समस्याओं को उजागर करना और यहाँ की सकारात्मक खबरों को दुनिया के सामने लाना है। सालों के अनुभव और स्थानीय समझ के साथ, मैं और मेरी टीम न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से आप तक ऐसी खबरें पहुँचाते हैं जो सीधे आपसे जुड़ी हैं। "निष्पक्षता ही हमारी पहचान है और आपका विश्वास हमारी ताकत।"

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!