सोशल मीडिया पर छाई जयपुर डिस्कॉम की वायरल चिट्ठी, हर विभाग में हो रही चर्चा
जयपुर डिस्कॉम को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हई है, जिसमें विभाग की एमडी आरती डोगरा की तरफ से एक लेटर जारी किाया गया है, जिसे हर ऑफिस के कर्मचारियों तारीफ कर रहा है

आमतौर पर सरकारी दफ्तरों में आदेश, नोटिस और निर्देशों की चिट्ठियां निकलती हैं लेकिन जयपुर विद्युत वितरण निगम में पहली बार एक ऐसी चिट्ठी जारी हुई है जिसमें अफसरों से लेकर मीटर रीडर्स तक को धन्यवाद कहा गया है. इस लेटर में किसी औपचारिक उपलब्धि के लिए नहीं, बल्कि एक ऐसे ऐतिहासिक काम के लिए है जिसके चलते जयपुर डिस्कॉम को प्रदेश का पहला डिफेक्टिव मीटर मुक्त वितरण निगम बना दिया
बेहतरीन काम के लिए एमडी ने थपथपाई पीठ
जयपुर डिस्कॉम की MD आरती डोगरा की तरफ से इस लेटर को जारी किया है. जिसमें उन्होंने सभी कर्मचारियों को नए साल की बधाई देते हुए नॉन-एग्रीकल्चरल कैटेगरी में बेहतरीन काम के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों के योगदान की तारीफ की गई है
लेटर में कहा गया है कि जयपुर डिस्कॉम के इतिहास में यह पहली बार है कि सभी 18 सर्किल में नॉन-एग्रीकल्चरल कैटेगरी में सभी सिंगल-फेज शहरी, ग्रामीण और थ्री-फेज कंज्यूमर्स के खराब मीटर पूरी तरह बदल दिए गए हैं. इस कामयाबी के साथ ही जयपुर डिस्कॉम के सभी घरेलू, इंडस्ट्रियल और कमर्शियल कंज्यूमर्स को अब असल खपत के आधार पर बिजली बिल मिलने लगे हैं. इसकी के चलते पिछले दो सालों में 2,78,422 कंज्यूमर्स के खराब मीटर बदले गए हैं. अब थ्री-फेज एग्रीकल्चरल कैटेगरी में सिर्फ 13,493 खराब मीटर बचे हैं, जिन्हें जल्द ही बदलने का प्रोसेस चल रहा है


अधिाकारियों और स्टाफ ने अवकाश के दिन भी किया काम
धन्यवाद पत्र में आगे कहा गया है कि इस कठिन लक्ष्य को हासिल करने में अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता, सहायक राजस्व अधिकारी, फीडर इंचार्ज, मीटर रीडर सहित तकनीकी और फील्ड स्टाफ ने पूरे जोश के साथ अवकाश के दिन भी काम किया. हर स्तर पर जिम्मेदारी निभाई गई और यह सुनिश्चित किया गया कि एक भी गैर कृषि उपभोक्ता डिफेक्टिव मीटर से वंचित न रहे. उन्होंने अपने पत्र में इसे किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि सामूहिक उपलब्धि है
बिजली सेवाओं को मजबूत बनाने की प्रमुख प्राथमिकता- सीएम
वही आरती डोगरा का तरफ से सारी लेटर के बाद सीएम भजनलाल शर्मा ने भी जयपुर डिसकॉम की प्रशंसा की है. उन्होंने एक्स पर शेयर करते हुए विभाग की इस उपलब्धि जयपुर डिस्कॉम के अभियंताओं और कार्मिकों को बधाई दी. सीएम ने कहा कि बिजली सेवाओं को मजबूत बनाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में है. इससे सटीक बिलिंग और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी
जयपुर डिस्कॉम के लिए डिफेक्टिव मीटर सालों से बना हुआ था चुनौती
दरअसल, डिफेक्टिव मीटर की समस्या सालों से जयपुर डिस्कॉम के लिए चुनौती बनी हुई थी. मीटर खराब होने की स्थिति में उपभोक्ताओं को औसत खपत के आधार पर बिल जारी किए जाते थे, जिससे न केवल उनकी शिकायतें बढ़ती थीं बल्कि निगम को राजस्व हानि भी उठानी पड़ती थी. नियमों के तहत दो माह से अधिक समय तक मीटर खराब रहने पर उपभोक्ताओं को बिजली शुल्क में पांच प्रतिशत की छूट देनी पड़ती थी
आर्थिक भार को शून्य करने की कोशिश कर रहा है जयपुर डिस्कॉम
इस वजह से जयपुर विद्युत वितरण निगम को वित्तीय वर्ष 2022-23 में 9 करोड़ 41 लाख रुपये और साल 2023-24 में 5 करोड़ 41 लाख रुपये का आर्थिक भार उठाना पड़ा. वर्ष 2024-25 में इसे घटाकर 2 करोड़ 4 लाख रुपये किया गया, जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह भार घटकर मात्र 16 लाख रुपये रह गया है. फिलहाल प्रबंधन इसे भी शून्य स्तर पर लाना है. जयपुर डिस्कॉम के अनुसार जून 2025 में जयपुर जिला वृत्त उत्तर, दौसा और झालावाड़ सर्किल, जुलाई 2025 में कोटा, बूंदी और बारां सर्किल, नवंबर 2025 में भरतपुर, भिवाड़ी, सवाई माधोपुर, करौली और कोटपूतली तथा दिसंबर 2025 में धौलपुर, जयपुर जिला वृत्त दक्षिण, अलवर, टोंक और डीग सर्किल को डिफेक्टिव मीटर मुक्त किया गया
डिफेक्टिव मीटर के कारण एवरेज बिलिंग होने से वितरण हानि का सटीक आकलन भी संभव नहीं हो पाता था. विद्युत नियामक आयोग की ओर से भी समय समय पर इस समस्या को दूर करने के निर्देश दिए जाते रहे हैं. इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए जयपुर डिस्कॉम ने इसे मिशन मोड पर लेते हुए समाधान का रास्ता चुना. जिसमें उसे सफलता भी मिली




