
ब्यावर में 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर जिला कलेक्टर कमलराम मीना ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 21 बीएलओ और पर्यवेक्षकों को सम्मानित किया। “मेरा भारत, मेरा मत, मैं भारत हूं” थीम पर आयोजित इस समारोह में मतदान की शपथ दिलाई गई और साइकिल रैली के जरिए जागरूकता का संदेश दिया गया।
ब्यावर। लोकतंत्र की नींव को मजबूत करने वाले सजग प्रहरियों के सम्मान और जन-जन को मतदान के प्रति जागरूक करने के संकल्प के साथ ब्यावर जिला मुख्यालय पर 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस भव्यता के साथ मनाया गया। “मेरा भारत, मेरा मत, मैं भारत हूं” की ओजस्वी थीम पर आधारित इस समारोह ने न केवल निर्वाचन आयोग के स्थापना दिवस को यादगार बनाया, बल्कि कर्तव्यनिष्ठ कार्मिकों के मनोबल को भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस गरिमामयी जिला स्तरीय पुरस्कार समारोह की चमक उस वक्त और बढ़ गई जब निर्वाचन प्रक्रिया के जमीनी योद्धाओं को उनकी अथक मेहनत के लिए सार्वजनिक मंच पर सराहा गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर कमलराम मीना ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का विधिवत शुभारंभ किया। उनके साथ मंच पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्मलाल जाट तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में निर्वाचक पंजीकरण पदाधिकारी (एसडीएम) दिव्यांश सिंह मौजूद रहे। इस अवसर पर विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान मतदाता सूचियों को त्रुटिहीन बनाने और शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने वाले 21 बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) एवं पर्यवेक्षकों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रशंसा पत्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कलेक्टर मीना ने उपस्थित जनसमूह और कार्मिकों को लोकतांत्रिक परंपराओं की मर्यादा बनाए रखने और प्रत्येक चुनाव में निर्भीक होकर मतदान करने की सामूहिक शपथ दिलाई।
समारोह की गरिमा बढ़ाने के लिए जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. गोपाललाल मीना और चुनाव शाखा के गणपत सिंह रावत भी उपस्थित रहे, जिन्होंने सफल आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई। गौरतलब है कि बौद्धिक विमर्श से पूर्व सवेरे साढे नौ बजे कलेक्ट्रेट परिसर से “फिट इंडिया साइक्लिंग ड्राइव, संडे ऑन साइकिल” रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जिसने शहरवासियों को स्वास्थ्य और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया। यह आयोजन महज एक औपचारिक समारोह नहीं, बल्कि ब्यावर प्रशासन द्वारा लोकतांत्रिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने की एक सशक्त मुहिम के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले चुनावों में जनभागीदारी बढ़ाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।




