
राजस्थान की हाई-सिक्योरिटी वाली अजमेर सेंट्रल जेल (Ajmer Central Jail) एक बार फिर सुर्खियों में है. लेकिन इस बार वजह कोई जेल ब्रेक नहीं, बल्कि जेल की दीवारों के पीछे गूंजा ‘इंसाफ’ का खौफनाक शोर है. एक कैदी ने दूसरे पर मासूम बच्चे की हत्या का आरोप लगाते हुए उसे जान से मारने की कोशिश की. यह हमला इतना सुनियोजित था कि हमलावर ने जेल के भीतर ही अपना हथियार तैयार किया था
वार्ड नंबर 13 में हुई वारदात
अजमेर सेंट्रल जेल के वार्ड नंबर 13 में 19 जनवरी की दोपहर आम दिनों जैसी ही थी. विचाराधीन कैदी दीपक सैनी अपने साथी कैदियों के साथ शतरंज के खेल में मशगूल था. तभी वहां हिनेश (पुत्र शंकर लाल) पहुंचता है. दीपक को देखते ही हिनेश का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उसने बैरक में मौजूद सभी कैदियों के सामने दीपक के पुराने गुनाहों का हिसाब मांगना शुरू कर दिया
‘तू राक्षस है…’, फेविक्विक कांड का आरोप
जेल प्रहरियों के मुताबिक, हिनेश ने दीपक पर चिल्लाते हुए कहा- ‘तूने एक मासूम बच्चे के मुंह में फेविक्विक डालकर उसकी निर्मम हत्या की थी. तू राक्षस है, तुझे जेल में रहने का और जिंदा रहने का कोई अधिकार नहीं है.’ इस सनसनीखेज आरोप ने वहां मौजूद कैदियों और प्रहरियों को सन्न कर दिया. इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, हिनेश ने हमला कर दिया
जेल में बना ‘देसी’ हथियार
जेल प्रशासन के लिए सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि हिनेश के पास एक हाथ से बना लोहे का धारदार हथियार था. हिनेश ने अचानक अपनी जेब से वो नुकीला हथियार निकाला और दीपक के चेहरे पर वार कर दिया. हमला इतना सटीक था कि दीपक के बाएं गाल पर गहरा घाव हो गया और वह मौके पर ही खून से लथपथ हो गया. जेल प्रहरी मुकेश जाट और अन्य कैदियों ने तुरंत बीच-बचाव किया, वरना हिनेश दीपक की जान ले लेता
अस्पताल में भर्ती, FIR दर्ज
घायल दीपक सैनी को तुरंत जेल डिस्पेंसरी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जवाहरलाल नेहरू (JLN) अस्पताल रेफर कर दिया गया. फिलहाल उसका इलाज जारी है. दूसरी ओर, सिविल लाइन थाना पुलिस ने जेल प्रहरी की शिकायत पर आरोपी कैदी हिनेश के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. सब इंस्पेक्टर गिरिराज ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है




