
जयपुर: सीकर प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए जिले के प्रभारी और वन मंत्री संजय शर्मा मे नगर परिषद सीकर का औचक निरीक्षण मंगलवार को किया. निरीक्षण के दौरान प्रभारी मंत्री और जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा के बीच तीखी तकरार हो गई. मामला इतना बढ़ गया कि गुस्साए प्रभारी मंत्री ने शिविर में रखे कागज फेंक दिए और नाराजगी जताते हुए कहा कि पूरे प्रकरण की रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री को भेजी जाएगी. मंत्री और जिला कलेक्टर के बीच हुई इस तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. इसके बाद सियासत भी गरमा गई है. मामला सामने आने के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरने का काम किया
यूडीएच मंत्री भी पहुंचे नगर परिषद:
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा भी नगर परिषद पहुंचे. उन्होंने मंत्री संजय शर्मा, जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा और नगर परिषद आयुक्त से पूरे घटनाक्रम को लेकर बातचीत की. यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि प्रभारी मंत्री के निरीक्षण की जानकारी मिली है. नगर परिषद से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट ली जाएगी. राज्य सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल में आयोजित सेवा शिविरों में कितने लोगों के कार्य निस्तारित हुए और कितने आवेदन लंबित हैं, इसकी भी रिपोर्ट तलब की गई है. उन्होंने कहा कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी
विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना:
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर तंज कसते हुए एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि अफसर सुन नहीं रहे हैं और मंत्री गुस्से में आ रहे हैं. वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया एक्स पर सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री सुशासन का ढोल पीटते हैं, लेकिन सीकर से आई ये तस्वीरें उसकी पोल खोल रही हैं
मोबाइल में सूची दिखाने पर भड़के मंत्री:
राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में नगर परिषद परिसर में सेवा शिविर आयोजित किया गया था. प्रभारी मंत्री संजय शर्मा जब अचानक नगर परिषद पहुंचे तो वहां अधिकतर अधिकारी और कर्मचारी अपनी सीटों से नदारद मिले. शिविर में अव्यवस्थाओं को देखकर प्रभारी मंत्री का पारा चढ़ गया. प्रभारी मंत्री ने शिविर के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों और लंबित प्रकरणों की जानकारी मांगी. नगर परिषद के राजस्व अधिकारी और अधिशासी अभियंता संतोषजनक जवाब नहीं दे सके. जब एक अधिकारी ने मोबाइल फोन में कार्यों की सूची दिखाने की कोशिश की तो प्रभारी मंत्री नाराज हो गए. उन्होंने कहा ‘क्या मजाक समझ रखा है? मैं मंत्री हूं, कोई कर्मचारी नहीं. प्रिंटेड सूची लेकर आओ.’
कर्मचारियों का पक्ष लेने पर भड़का विवाद:
इसी बीच जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा नगर परिषद कर्मचारियों की ओर से जवाब देने लगे. इस पर प्रभारी मंत्री संजय शर्मा और अधिक नाराज हो गए. उन्होंने कलक्टर से तीखे शब्दों में कहा ‘इन चोरों को संरक्षण देने की जरूरत नहीं है. आप इनकी तरफ से सफाई क्यों दे रहे हो?’ मंत्री ने स्पष्ट कहा कि सेवा शिविरों को इस तरह नहीं चलाया जाना चाहिए. गुस्से में उन्होंने शिविर में रखे कागज फेंक दिए और यह कहते हुए बाहर निकल गए कि अब इस पूरे मामले की रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री को की जाएगी
बिना लवाजमे पहुंचे थे मंत्री:
प्रभारी मंत्री संजय शर्मा मंगलवार को बिना किसी सरकारी लवाजमे और बिना एस्कॉर्ट के निजी वाहन से सीकर पहुंचे थे. उनके अचानक पहुंचने की सूचना के करीब 20 मिनट बाद जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा नगर परिषद पहुंचे. निरीक्षण के दौरान कांग्रेस पार्षद साबिर बिसायाती भी मौके पर मौजूद थे. उन्होंने नालियों के फेरो कवर समय पर नहीं लगाए जाने की शिकायत प्रभारी मंत्री से की. मंत्री ने इस संबंध में नगर परिषद अधिकारियों से सवाल किए. इसी दौरान कलेक्टर की ओर से जवाब देने से मामला तकरार तक पहुंच गया
महिला फरियादी से भी हुई बातचीत:
प्रभारी मंत्री संजय शर्मा के नाराज होकर जाने के दौरान एक महिला फरियादी अन्नू देवी उनसे मिली. महिला ने अवैध निर्माण को लेकर जिला कलेक्टर और नगर परिषद में कई बार शिकायत देने की बात कही. इस पर प्रभारी मंत्री ने कलेक्टर की ओर देखते हुए कहा ‘अब देखो हालात’




