खाटूश्यामजी नगरी के अस्पतालों में बड़ी धोखाधड़ी, मरीजों को निजी लैबों की ओर धकेल रहे ठग; जांच शुरू
राजस्थान में सीकर के रींगस उप जिला अस्पताल में लपका गिरोह सक्रिय है, जो मरीजों को निजी लैबों में महंगी जांच कराने के लिए मजबूर कर रहा है. अस्पताल प्रशासन ने इस पर सख्त कदम उठाया है

राजस्थान के सीकर जिले के रींगस कस्बे में स्थित राजकीय उप जिला अस्पताल इन दिनों एक खतरनाक गिरोह की चपेट में है. ये लपका गिरोह अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को निशाना बना रहा है. वे मरीजों के हाथों से जांच की पर्चियां छीन लेते हैं और उन्हें निजी लैबों में महंगी जांच कराने के लिए मजबूर करते हैं. गिरोह के सदस्य चालाकी से काम लेते हैं
वे मरीजों और उनके परिवार वालों को बताते हैं कि अस्पताल में भीड़ बहुत है लेकिन वे उन्हें सीधे डॉक्टर के पास पहुंचा देंगे. इस झांसे में आकर कई लोग फंस जाते हैं और अपनी जांच पर्चियां गंवा बैठते हैं. इससे मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है और वे ठगी का शिकार हो जाते हैं
तुरंत एक्शन में आया अस्पताल प्रशासन
अस्पताल के पीएमओ डॉक्टर रामवतार दायमा को इस समस्या की जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत एक्शन लिया. उन्होंने मामले को गंभीर मानते हुए सख्त कदम उठाने के आदेश जारी कर दिए. डॉक्टर दायमा ने अस्पताल के सभी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और स्टाफ सदस्यों को साफ निर्देश दिए हैं कि लपका गिरोह से जुड़े किसी भी व्यक्ति को अस्पताल के आसपास भी फटकने न दिया जाए. वे चाहते हैं कि अस्पताल का परिसर पूरी तरह सुरक्षित रहे और मरीज बिना किसी डर के इलाज करा सकें
गिरोह में शामिल कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई
इसके अलावा पीएमओ ने चेतावनी भी जारी की है. अगर किसी कर्मचारी की तरफ से लापरवाही हुई या गिरोह के साथ मिलीभगत का पता चला तो उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. अस्पताल प्रशासन अकेला नहीं लड़ रहा. उन्होंने रींगस पुलिस को भी एक पत्र लिखा है जिसमें इस ठगी को रोकने के लिए सहयोग मांगा गया है
पुलिस की मदद से उम्मीद है कि जल्द ही इस गिरोह पर लगाम लगेगी और मरीजों को राहत मिलेगी. स्थानीय लोग भी इस समस्या से परेशान हैं और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. अगर ये गिरोह नहीं रुका तो अस्पताल की साख पर असर पड़ेगा. प्रशासन का ये कदम सराहनीय है जो मरीजों के हितों की रक्षा करेगा




