AjmerE-Paperक्राइमखेलटेक्नोलॉजीटॉप न्यूज़दुनियायुवाराजनीतिराजस्थानराज्यलोकल न्यूज़

कमीशन प्रकरण में आरोपी तीनों विधायकों को विधानसभा की सदाचार समिति ने 19 दिसंबर को तलब किया।

जिन जय कृष्ण पटेल को 20 लाख की रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया था, उनका मामला भी 7 माह से इसी सदाचार समिति के पास लंबित है।

भास्कर अखबार के स्टिंग ऑपरेशन की सीबीआई से जांच हो। सिर्फ तीन विधायकों की ही खबर क्यों? -विधायक ऋतु बनावत।

विधायक निधि में कामों की स्वीकृति जारी करने की एवज में चालीस प्रतिशत तक कमीशन लेने के मामले में आरोपी विधायक रेवंत राम डांगा (खींवसर-भाजपा), अनिता जाटव (हिंडौन-कांग्रेस) तथा ऋतु बनावत (बयाना-निर्दलीय) को विधानसभा की सदाचार समिति ने 19 दिसंबर को तलब किया है। समिति के अध्यक्ष कैलाश वर्मा ने कहा कि तीनों विधायकों ने उनका पक्ष जाना जाएगा। आरोपी विधायकों को सदाचार समिति के बुलाने पर मीडिया में प्रमुखता से खबरें प्रकाशित हुई और उम्मीद जताई जा रही है कि अब इन विधायकों के खिलाफ विधानसभा में बड़ी कार्यवाही होगी। लेकिन विधानसभा की सदाचार समिति का रिकॉर्ड बताता है कि बीएपी के विधायक जयकृष्ण पटेल का मामला पिछले 7 माह से लंबित है। आज तक भी कैलाश वर्मा की अध्यक्षता वाली सदाचार समिति ने अपनी जांच रिपोर्ट अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को नहीं सौंपी है। जबकि विधायक पटेल पर तो 20 लाख रुपए की रिश्वत लेने का गंभीर आरोप है। यह आरोप भी विधानसभा में पूछे गए सवाल को वापस लेने का है। 4 मई 2025 को बागीदौर के विधायक जयकृष्ण पटे को जयपुर में विधानसभा भवन के सामने बने विधायकों के फ्लैट की पार्किंग में 20 लाख रुपए की रिश्वत लेने के बाद एसीबी ने गरफ्तार किया था। चूंकि यह मामला सीधे विधानसभा से जुड़ा था, इसलिए अध्यक्ष देवनान ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सदाचार समिति को सौंप दिया। एसीबी ने अपनी प्राथमिक जांच में माना कि पटेल ने खानों के आवंटन और खनिज निकालने के प्रकरण में तीन सवाल विधानसभा में लगाए। लेकिन सरकार द्वारा जवाब आने से पहले ही खान मालिकों ने विधायक पटेल से संपर्क किया और सवाल वापस लेने का आग्रह किया। विधायक पटेल ने सवाल वापस लेने की कीमत 10 करोड़ रुपए मांगी। आपसी सहमति के बाद सवाल वापस लेने का सौदा ढाई करोड़ रुपए में हो गया। विधायक ने पहली किस्त एक लाख रुपए तो अपने निर्वाचन क्षेत्र बागीदोर में ही ले जी और दूसरी किस्त जब चार मई 2025 को जयपुर स्थित विधायकों के फ्लैट की पार्किंग में ले रहे थे, तब एसीबी ने गिरफ्तार कर लिया। हालांकि एसीबी के पहुंचने से पहले विधायक पटेल ने 20 लाख रुपए की राशि अपने एक म्त्रि को दे दी थी। लेकिन एसीबी ने माना कि रिश्वत की राशि विधायक पटेल ने अपने हाथों से गिनी। यह राशि कार में बैठकर ली गई। जब इतने गंभीर प्रकरण की जांच सदाचार समिति गत 7 माह से कर रही है, तब कमीशन खोरी के मामले में तीन विधायकों की जांच का अंदाजा लगाया जा सकता है। कमीशन खोरी के मामले की जांच कितने दिन लंबित रहेगी यह कोई नहीं जानता। हालांकि विधानसभा में स्वच्छता को लेकर अध्यक्ष देवनानी बेहद गंभीर है। वे चाहते है कि सभी 200 विधायक जनसेवक के तौर पर भूमिका निभाए।

सीबीआई से जांच हो:

17 दिसंबर को रात 8 बजे न्यूज 18 टीवी चैनल पर लाइव डिबेट के प्रोग्राम में मेरे साथ कमीशन प्रकरण की आरोपी विधायक ऋतु बनावत भी थी। टीवी के इस लाइव प्रोग्राम में बयाना की निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत ने कहा कि दैनिक भास्कर अखबार के रिपोर्टर ने जब बयाना में उनसे मुलाकात की थी, तब बताया था कि कई विधायकों ने विधायक निधि से काम स्वीकृत वाला पत्र दिया है। रिपोर्ट का कहना रहा कि हमने सभी विधायकों के समक्ष कमीशन का प्रस्ताव रखा। ऋतु बनावत ने कहा कि जब भास्कर ने अनेक विधायकों का स्टिंग ऑपरेशन किया, तब सिर्फ तीन विधायकों की ही खबर को प्रकाशित क्यों किया गया? स्टिंग में शामिल सभी विधायकों कीखबर प्रकाशित करनी चाहिए थी, इसलिए वे भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन की सीबीआई से जांच की माग कर रही हैं। सीबीआई को जल्द से जल्द पूरे स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो हासिल करने चाहिए ताकि पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आ सके। जहां तक उन पर लगे आरोपों का सवाल है तो उन्होंने रिपोर्टर को विधायक निधि का स्वीकृति पत्र नहीं दिया और न ही कमीशन की कोई बात की। मेरे पति ऋषि बंसल ने यदि कोई बात की है तो उसके लिए मुझे दोषी नहीं ठहराया जा सकता। मेरे पति ने भी कमीशन के नाम पर कोई राशि नहीं ली। जब मैंने स्वीकृति पत्र दिया ही नहीं तो फिर मुझ पर कमीशन का आरोप क्यों लगाया जा रहा है? उन्होंने कहा कि मैंने राजनीति में कड़ा संघर्ष किया है और बयाना के मतदाताओं के कारण निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव जीता है। कुछ लोग मेरी इस सफलता से ईष्र्या रखते हैं, इसलिए झूठे आरोप लगाए जा रहे है। उन्होंने कहा कि यदि कोई आरोप साबित होगा तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगी। ऋतु बनावत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से भी आग्रह किया है कि वह भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन की सीबीआई जांच के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखें। 

सिरोही जालोर लाइव न्यूज़

माउंट आबू की वादियों से लेकर सांचौर के रेगिस्तान तक और भीनमाल की ऐतिहासिक धरती से लेकर शिवगंज के बाज़ारों तक, हमारी टीम ज़मीनी स्तर पर सक्रिय है। हम केवल खबरें ही नहीं दिखाते, बल्कि आम जनता की आवाज़ को प्रशासन तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम भी हैं। नमस्ते, मैं [ Kरावल ] हूँ, एक स्वतंत्र पत्रकार और [ सिरोही जालौर न्यूज़ ] का संस्थापक। सिरोही और जालोर की मिट्टी से जुड़ा होने के नाते, मेरा लक्ष्य अपने क्षेत्र की समस्याओं को उजागर करना और यहाँ की सकारात्मक खबरों को दुनिया के सामने लाना है। सालों के अनुभव और स्थानीय समझ के साथ, मैं और मेरी टीम न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से आप तक ऐसी खबरें पहुँचाते हैं जो सीधे आपसे जुड़ी हैं। "निष्पक्षता ही हमारी पहचान है और आपका विश्वास हमारी ताकत।"

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!