
राजस्थान में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट मंगलवार को जारी कर दी गई। जयपुर जिले की 17 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 5.36 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, जो कुल वोटर्स का करीब 11.12 प्रतिशत है। जिला निर्वाचन शाखा के अनुसार हटाए गए नामों में वे मतदाता शामिल हैं जो स्थान परिवर्तन कर चुके हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जो सत्यापन के दौरान घर पर नहीं मिले। ऐसे मतदाताओं को ASD (एब्सेंट, शिफ्टेड, डेड) श्रेणी में रखते हुए ड्राफ्ट सूची से बाहर किया गया है। इन सभी को 15 जनवरी तक आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया है। इसके अलावा करीब 1.90 लाख मतदाता ऐसे हैं, जिनका या उनके माता-पिता का नाम वर्ष 2002 की वोटर लिस्ट में मैप नहीं हो पाया। इन मतदाताओं के नाम फिलहाल सूची में शामिल हैं, लेकिन इन्हें अपनी नागरिकता साबित करने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा तय 12 दस्तावेजों में से कोई एक 7 फरवरी 2026 तक जमा करना होगा।
सीएम की विधानसभा में सबसे ज्यादा नाम कटे
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विधानसभा क्षेत्र सांगानेर में सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है। यहां 61,674 वोटर्स (16.46 प्रतिशत) के नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए हैं, जबकि 24,465 मतदाता (6.53 प्रतिशत) नो-मैपिंग श्रेणी में आए हैं। SIR प्रक्रिया से पहले जयपुर जिले में कुल 48.23 लाख मतदाता थे। संशोधन के बाद ड्राफ्ट सूची में अब 42.87 लाख मतदाता शेष रह गए हैं। विधानसभा स्तर पर देखें तो सबसे ज्यादा नाम सिविल लाइंस क्षेत्र से कटे हैं, जबकि सबसे कम चौमूं विधानसभा क्षेत्र से हटाए गए हैं। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के साथ ही आज से दावे और आपत्तियां दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मतदाता संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष 16 जनवरी तक आपत्ति दर्ज करा सकते हैं, जिन पर सुनवाई और सत्यापन के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।




