सीएम भजनलाल का बड़ा फैसला, कोटा-बूंदी समेत 4 जिलों के करीब 3 लाख परिवार को सीधा फायदा
सीएम भजनलाल ने जिन दो बड़ी परियाजनाओं को मंजूरी दी है, उनको अगस्त 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इस परियोजना से कोटा, बूंदी, झालावाड़ और बारां जिले को सीधा फायदा मिलेगा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कोटा, बूंदी, झालावाड़ और बारां जिले के लाखों लोगों के लिए बड़ा फैसला लिया है. पीने के शुद्ध पानी से जुड़ी दो बड़ी परियोजना को मुख्यमंत्री भजनलाल ने मंजूरी दे दी है. दोनों योजनाओं के पूरा होने के बाद कोटा, बूंदी, झालावाड़ और बारां जिले के लाखों परिवारों को नल से शुद्ध पीने का पानी उपलब्ध हो सकेगा. जल जीवन मिशन के तहत जारी इन परियोजनाओं पर कुल 5184 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे
1661 करोड़ की है नौनेरा वृहद पेयजल परियोजना
जानकारी के मुताबिक, कोटा और बूंदी के 749 गांव और छह कस्बों के 01 लाख 13 हजार 287 परिवारों को नौनेरा वृहद पेयजल परियोजना से हर घर जल मिलेगा. इस परियोजना की लागत 1661 करोड़ रुपये से अधिक है. इसके तहत कोटा और बूंदी क्षेत्र में एक इन्टैक पंप गृह निर्माण, तीन जल शोधन संयंत्र, 14 स्वच्छ जलाशय और 137 उच्च जलाशयों का निर्माण होगा. परियोजना के लिए 58.45 किलोमीटर लंबी रॉ वॉटर राइजिंग मेन पाइप लाइन बिछाई जाएगी
नौनेरा परियोजना के तहत 4506 किलोमीटर लंबी राइजिंग मेन, कलस्टर वितरण और ग्रामीण वितरण पाइप लाइन भी तैयार होगी. दोनों जिलों में चौदह पंप गृह बनाए जाएंगे
परवन अकावद पेयजल परियोजना पर आएगा 3523 करोड़ का खर्चा
वहीं, परवन अकावद पेयजल परियोजना से झालावाड़, बारां और कोटा जिले के लाखों लोगों को फायदा मिलेगा. इसके तहत बारां के 907 गांव, कोटा के सांगोद क्षेत्र के 184 गांव और झालावाड़ के 311 गांव सहित कुल 1402 गांव और 276 ढाणियों तक शुद्ध पानी पहुंचेगा. इन जिलों के 1 लाख 52 हजार 437 परिवार को योजना का लाभ मिलेगा. परवन अकावद पेयजल परियोजना पर 3523 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे
योजना के तहत कोटा और झालावाड़ में दो इन्टैक पंप गृह, दो जल शोधन संयंत्र, 41 स्वच्छ जलाशय और 276 उच्च जलाशयों का निर्माण होगा. बारां, कोटा और झालावाड़ क्षेत्र में कुल 661 किलोमीटर लंबी मुख्य ट्रांसमिशन पाइप लाइन बिछाई जाएगी. परवन अकावद परियोजना में कुल 9477 किलोमीटर लंबी राइजिंग मेन और वितरण पाइप लाइन तैयार की जाएगी




