सचिन पायलट बोले- मौलाना मदनी को मैं नहीं जानता, ‘शौर्य दिवस’ वाले सरकारी आदेश पर कुछ भी बोलने से इनकार
सचिन पायलट से जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी के बयान पर सवाल किया गया. इस मामले में उन्होंने प्रतिक्रिया देने से इनकार किया. कांग्रेस नेता ने एसआई प्रक्रिया और किसानों को खाद वितरण मामले में अव्यवस्था पर भी सवाल खडे़ किए

राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और टोंक से विधायक सचिन पायलट दो दिवसीय दौरे पर विधानसभा क्षेत्र पहुंचे. टोंक सर्किट हाउस में उन्होंने रविवार (30 नवंबर) सुबह जनसुनवाई की. आज सुबह क्षेत्रवासियों से मुलाकात के साथ ही लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए. इसी दौरान मीडिया से बातचीत में एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल भी खड़े किए. उन्होंने कहा कि यह सबकुछ जल्दबाजी में किया जा रहा है. इससे पहले भी चुनाव आयोग की कार्यशैली और प्रक्रिया पर सवाल खडे़ कर चुके हैं. उन्होंने यहां तक कहा था कि बीएलओ की आत्महत्या इशारा है कि किसी तरह की गड़बड़ी की जा रही है. साथ ही राजस्थान में खाद की किल्लत और पुलिस पहरे में खाद वितरण पर भी सवाल खडे़ किए
अन्नदाता को खाद तक नहीं मिल रहा- पायलट
पायलट ने बाबरी विध्वंस की तारीख को शौर्य दिवस मनाए जाने वाले राजस्थान सरकार द्वारा जारी आदेश पर चुप्पी साधी. उन्होंने कहा कि मुझे इसकी जानकारी नही है. उन्होंने कहा, “हमनें कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कहा है कि एसआईआर प्रक्रिया पर नजर रखें. किसानों की सुनने और बोलने वाला प्रदेश सरकार में कोई नजर नहीं आता है. अन्नदाता को खाद तक नहीं मिल पा रहा है. डबल इंजन की सरकार दोनों जगह फेल है.”
मदनी के सवाल पर दी ये प्रतिक्रिया
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी के बयान पर भी पायलट ने कुछ बोलने से इनकार किया. उनसे पूछा गया कि मदन ने न्यायपालिका पर सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगाया गया. जवाब में पायलट ने कहा कि किसने बोला है, मैं नहीं जानता




