टोंक में SIR फॉर्म को लेकर बवाल, युवक से परेशान बीएलओ ने उठाई गेंती, देखें BLO और किसान की बहस का वीडियो
जयपुर: राजस्थान में चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) के दौरान बीएलओ पर काम के बढ़ते दबाव की कई शिकायतें सामने आ रही हैं। इसी बीच टोंक जिले के पीपलू तहसील स्थित ककराज खुर्द गांव से एक ऐसा मामला चर्चा में है, जिसने सभी को चौंका दिया।

बीएलओ के वायरल वीडियो पर मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ बीएलओ की परेशानी की बात कर रहे हैं तो कुछ विपरीत परिस्थितियों में भी बीएलओ का SIR को लेकर जुनून देख तारीफ करते नहीं थक रहें।
दरअसल, यहां एक बीएलओ, कई दिनों तक एक युवक का SIR फॉर्म भरवाने के प्रयास में उसके घर जाता रहा, लेकिन हर बार वह युवक घर से नदारद मिलता। लगातार परेशानी के बाद जब बीएलओ ने उसे खेत में काम करते हुए देखा, तो दोनों के बीच फॉर्म भरने को लेकर बहस हो गई। इसी दौरान बीएलओ ने युवक से कहा कि ‘तुम मेरा काम कर दो, मैं तुम्हारा कर देता हूं’ और खेत में रखी गेंती उठाकर खुद खुदाई करने लगा। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है।
युवक से बार-बार नहीं मिलने पर हाथ जोड़ने की नौबत
वीडियो में दिखाई देता है कि बीएलओ रतन जाट युवक से कह रहा है कि वह पिछले कई दिनों से उसके घर चक्कर लगा रहा है, लेकिन हर बार वह गायब मिलता है। थक हारकर जब उसने उसे खेत में पाया, तो वह बेहद परेशान होकर हाथ जोड़कर कहता है ‘बस एक बार फॉर्म भर दो, मैं दस बार तेरे घर जा चुका हूं।’
युवक अपनी व्यस्तता का हवाला देते हुए कहता है कि उसे अपने खेत के काम से ही मतलब है, क्योंकि ‘बीएलओ खाने को थोड़ी देते हैं।’ जवाब में बीएलओ कहता है कि ‘ज्यादा दिमाग मत लगाओ, मेरा काम कर दो। मेरे जैसा कोई यहां नहीं आएगा।’ इसके बाद वह युवक से गेंती लेकर खेत में खुदाई शुरू कर देता है।
घटना के वायरल वीडियो पर लोगों की प्रतिक्रियाएं
वीडियो सामने आने के बाद लोग इस पर मजाकिया और व्यंग्यात्मक टिप्पणियां कर रहे हैं। कुछ लोग इसे बीएलओ पर बढ़ते दबाव की झलक बता रहे हैं, जबकि कई कमेंट्स में SIR प्रक्रिया की कठिनाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
SIR प्रक्रिया के दबाव पर बढ़ रहा असंतोष
राजस्थान में SIR प्रक्रिया के दौरान बीएलओ पर अधिक काम का बोझ होने की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। कुछ दिनों पहले जयपुर में एक बीएलओ ने मानसिक तनाव के चलते ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली थी। वहीं सवाई माधोपुर में एक बीएलओ की हार्ट अटैक से मौत हो गई। दोनों मामलों को अत्यधिक कार्यभार से जोड़कर बीएलओ संगठन नाराजगी जता चुके हैं। कई जिलों में बीएलओ प्रशासन को ज्ञापन सौंप चुके हैं और दबाव कम करने की मांग कर रहे हैं। वहीं कांग्रेस ने भी इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि बिना घर गए लोगों के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, जिससे मतदाता परेशान हो रहे हैं।




