
टोंक में सचिन पायलट ने बिहार चुनावों में धन वितरण के आरोप, निर्वाचन आयोग की भूमिका, एसआईआर सर्वे, अंता उपचुनाव में कांग्रेस की जीत और राजस्थान में चुनावों पर BJP सरकार के रवैये पर गंभीर सवाल उठाते हुए तीखे बयान दिए।
टोंक में विधायक सचिन पायलट ने बिहार विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान लोगों के खातों में 10-10 हजार रुपये डाले गए, लेकिन निर्वाचन आयोग ने इस पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की। पायलट ने सवाल उठाया कि क्या कर्नाटक चुनावों में भी इसी तरह की स्थितियां देखने को मिलेंगी और आयोग की भूमिका पर चिंता व्यक्त की।
एसआईआर सर्वे पर भी पायलट का निशाना
पायलट ने कहा कि एसआईआर को लेकर राहुल गांधी ने तमाम सबूत प्रस्तुत किए, मगर किसी भी स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि अब राजस्थान में भी एसआईआर सर्वे शुरू हो चुका है और कांग्रेस की ओर से नियुक्त बीएलए इस प्रक्रिया पर निगरानी रख रहे हैं। पायलट ने उम्मीद जताई कि राजस्थान में वोट चोरी जैसी कोई घटना सामने नहीं आएगी, लेकिन यदि ऐसा हुआ, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
कांग्रेस को जनता का पूरा समर्थन’
टोंक में ही पायलट ने अंता विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की जीत पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह जीत कांग्रेस और प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया के कार्य और भरोसे का परिणाम है। पायलट के अनुसार भाजपा ने उपचुनाव में पूरी ताकत झोंक दी थी, लेकिन मतदाताओं ने कांग्रेस को पूर्ण समर्थन दिया।
नगर निकाय और पंचायती राज चुनावों पर BJP सरकार पर हमला
राजस्थान में नगर निकाय और पंचायती राज चुनावों पर टिप्पणी करते हुए पायलट ने कहा कि अंता उपचुनाव हाईकोर्ट द्वारा भाजपा विधायक को अयोग्य घोषित किए जाने के बाद हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निकाय और पंचायती राज चुनाव भी हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ही कराए जा रहे हैं। पायलट ने दावा किया कि अगर भाजपा का बस चले, तो वह चुनाव करवाए ही नहीं।




