
सिरोही, 04 नवम्बर। राजकीय महाविद्यालय सिरोही में भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती के उपलक्ष में जनजातीय गौरव दिवस मनाने के क्रम में मंगलवार को प्राचार्य प्रो. अजय शर्मा की अध्यक्षता में चित्रकला भगवान बिरसा मुण्डा का “व्यक्तित्व एवं कृतित्व“, निबंध भगवान बिरसा मुण्डा “एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व“ एवं भाषण “स्वतंत्रता संग्राम में जनजाति समाज एवं भगवान बिरसा मुण्डा के विशेष संदर्भ में जनजाति नेतृत्व की भूमिका“ विषयक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसमें महाविद्यालय के विद्यार्थियों एवं एन.एस.एस. स्वयं सेवकों ने प्रतिभागिता की। मुख्य वक्ता की भूमिका में प्रो. अनुपमा साहा ने भगवान बिरसा मुण्डा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तृत प्रकाश डाला साथ ही उन्होंने बताया कि विदेशी शासन के दमन के विरूद्ध स्वतंत्रता संग्राम की एक महत्वपूर्ण कडी के रूप में भगवान बिरसा मुण्डा का चरित्र अनुकरणीय है। आज के समय में भी बिरसा मुण्डा द्वारा निर्देशित मार्ग उतना ही सार्थक है, जितना उस समय था। जब तक हम अपने व्यवहार, विचार और आचरण में स्वदेश और स्वदेशी नहीं होंगे तब तक हमारा उत्कर्ष असम्भव है। अतः प्रलोभनों से मुक्त होकर समाज सेवा करना ही क्रांतिवीर एवं स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुण्डा के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे उनके जीवन से प्रेरणा ग्रहण करें। आयोजित हुई प्रतियोगिताओं में निबंध प्रतियोगिता में महिपालसिंह ने प्रथम, भरत सुयाल ने द्वितीय एवं विकास कुमार ने तृतीय स्थान पर रहे। भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान राजु सुथार, द्वितीय स्थान महिपालसिंह एवं तृतीय स्थान पर भूमिका ओझा रहे। निर्णायक की भूमिका प्रो. संध्या दुबे, प्रो. रीना श्रीवास्तव, प्रो. मीना जैन, सुश्री धारणा गोयल, सुश्री प्रियंका ओझा, डॉ. रूचि ने निभाई। कार्यक्रम का संचालन एन.एस.एस. स्वयं सेवक भूमिका ओझा ने किया। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. कुसुम राठौड एवं डॉ. शीरीन कुरैशी के नेतृत्व में हुआ।

आयुक्तालय, कॉलेज शिक्षा राजस्थान, जयपुर के निर्देशानुसार ही “विकसित भारत 2047“ और “आत्म निर्भर और स्वदेशी“ विषय पर महाविद्यालय स्तर पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें महाविद्यालय के लगभग 78 विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के पावन अवसर पर डॉ. भीमराव अंबेडकर राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं नर्सिंग महाविद्यालय, सिरोही में दिनांक 04 नवम्बर को विविध सांस्कृतिक एवं जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यह आयोजन जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया गया, जिसमें विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

प्रमुख गतिविधियाँः
रंगोजी डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शनः भगवान बिरसा मुंडा के जीवन, संघर्ष एवं योगदान पर आधारित प्रेरणादायक डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया, जिसे उपस्थितजनों ने अत्यंत रुचि से देखा। बैनर एवं पोस्टर प्रदर्शनः परिसर में जनजातीय नायक बिरसा मुंडा के विचारों एवं संदेशों को दर्शाते हुए बैनर एवं पोस्टर लगाए गए। सेल्फी प्वाइंट एवं चित्रकला प्रतियोगिताः विद्यार्थियों ने बिरसा मुंडा की विरासत को रचनात्मक रूप से चित्रित किया एवं सेल्फी प्वाइंट पर स्मरणीय क्षणों को साझा किया। वक्तृत्व प्रतियोगिताः भगवान बिरसा मुंडा के सामाजिक योगदान एवं स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका पर आधारित भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने उनके विचारों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. श्रवण कुमार मीणा ने भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने जनजातीय समाज के योगदान को सम्मानित करने एवं युवाओं को उनके संघर्षों से अवगत कराने की आवश्यकता पर बल दिया।
राजकीय महाविद्यालय रेवदर में जनजाती गौरव पखवाडा के उपलक्ष में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिसमें छात्र-छात्राओं ने भाग लिया भाषण निबंध एवं चित्रकला आदि पर प्रतियोगिताओं में विजेता छात्र-छात्राओं को प्राचार्य मुकेश मीणा ने शुभकामनाएं दी।




