
फतेहपुर/सीकर : फतेहपुर शेखावाटी के गांव जेठवा का बास निवासी बजरंग लाल जेठू को जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने पर मंगलवार को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने सम्मानित किया। छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार के लिए जल संरक्षण के लिए व्यक्तिगत श्रेणी में पश्चिम क्षेत्र से एक मात्र विजेता के रूप में चयनित जेठू का ये सम्मान नई दिल्ली के विज्ञान भवन में हुआ।
बारिश का पानी बचाया, कुओं की करवाई मरम्मत
जेठू ने ब्लॉक के विभिन्न स्कूलों व गांवों के सम्पूर्ण मानसून सत्र में अतिरिक्त जल बहाव का भूजल रिर्चाज में उपयोग किया। साथ ही र जल प्रबंधन के लिए पुर्नभरण कुएं की मरम्मत करवाने के अलावा जल बचत के लिए नवाचार करते हुएं काजरी जल तृप्ति गमले और सौर संसाधन पात्र बनाए। जल प्रबंधन की जागरूकता के लिए हमारी जल संस्कृति के विलुप्त होते अध्याय, जल एवं वायु के
पर्यावरणीय संपत्यय, हमारी जल परम्परायें आदि छह पुस्तकें भी लिखी। स्कूलों में जल संरक्षण के लिए उन्होंने निबंध व प्रश्नोतरी सरीखी प्रतियोगिताएं आयोजित करवाई। विभिन्न समाचार पत्र व पत्रिकाओं में 15 से ज्यादा लेख भी लिखे।
9 लघु फिल्मों से दिया संदेश
1993 से जल संरक्षण अभियान में जुटे बजरंगलाल ने पानी बचाने के लिए सौर संघनन पात्र, सुनों पानी बोलता है, पानी बचाओं वृक्ष बचावों, बंदा पानी बचाले, सुनो तालाब बोलते है सरीखी 9 लघु फिल्मों का लेखन व निर्देशन भी किया। उनकी फिल्म सौर संघनन पात्र और जल संरक्षण को जल शक्ति मंत्रालय द्वारा वाटर हीरोज के अर्न्तगत पुरस्कृत किया गया था। नई दिल्ली में इंडिया वाटर वीक 2024 में तालाबों पर पत्र वाचन करने सहित उन्होंने जल संरक्षण के लिए 20 से अधिक कार्यशाला और सेमीनार भी आयोजित किए।



