
फसल बीमा मुआवजा नहीं मिलने पर नागौर के किसान ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया. जिले के देवरिया जाटान गांव के किसान मल्लाराम बावरी की फसल खराब होने के बावजूद बीमा क्लेम नहीं मिला. उसे इस कदर नुकसान हुआ कि फसल की बुवाई पर आए खर्च की भरपाई भी नहीं हो पाई. जब बीमा कंपनी ने नुकसान की भरपाई नहीं तो किसान ने खेत में 500-500 रुपए के नोट ही बो दिए. किसान के विरोध का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ
शिकायत के बावजूद मौके पर नहीं पहुंचा अधिकारी
मल्ला राम बावरी ने बताया कि उन्होंने कपास की फसल के लिए बैंक से एक लाख रुपए का कर्ज लिया था. इस बार अतिवृष्टि की वजह से उनकी पूरी कपास की फसल नष्ट हो गई, जिससे महज 4 हजार रुपए की ही उपज मिली. किसान ने अपनी फसल का बीमा भी करवाया था. बारिश से फसल खराब होने के बाद उन्होंने बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई भी अधिकारी मौके पर जांच के लिए नहीं पहुंचा
सोशल मीडिया पर किया शेयर
सरकारी व्यवस्था और बीमा कंपनी की कथित लापरवाही से निराश होकर किसान ने यह अनोखा विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने अपने खेत में 500-500 रुपये के नोट बोने के बाद उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया
खेत में कपास की पूरी फसल नष्ट
किसान मल्लाराम बावरी का कहना है कि उनका यह प्रतीकात्मक कदम सरकारी योजनाओं और अधिकारियों से मिली निराशा का विरोध है. साथ ही कहा कि अत्यधिक बारिश के कारण खेत में बना पानी का तालाब भी टूट गया था. इससे पूरा खेत जलमग्न हो गया. लंबे समय तक पानी भरा रहने के कारण कपास की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई




