शिक्षकों की अतिरिक्त जिम्मेदारी कम करें’, SIR कार्य के दबाव में BLO की आत्महत्याओं पर भी बोले भाटी
जोधपुर में रविंद्र सिंह भाटी ने गणपत सिंह हत्याकांड में देरी, शिक्षकों पर BLO व गैर-शैक्षणिक बोझ और नई ग्राम पंचायतों के गठन पर सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने अलग BLO पद बनाने और शिक्षकों को राहत देने की मांग की।

निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी शनिवार को जोधपुर पहुंचे। सर्किट हाउस में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की और आमजन से भी संवाद किया। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने गणपत सिंह हत्याकांड, शिक्षकों पर बढ़ते गैर-शैक्षणिक बोझ और नई ग्राम पंचायतों के गठन पर तीखी प्रतिक्रिया जताई।
गणपत सिंह हत्याकांड पर 15 माह बाद भी कोई प्रगति नहीं’
रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि गणपत सिंह हत्याकांड को आज पूरे 15 महीने हो चुके हैं, लेकिन अभी तक केस खुल नहीं सका है। पिछले छह दिन से गणपत सिंह की 80 वर्षीय मां कलेक्ट्रेट के सामने भूख हड़ताल पर बैठी हैं। इस कड़क ठंड में एक बुजुर्ग महिला को अपने बेटे के हत्यारे की तलाश के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है, इससे दयनीय स्थिति और क्या हो सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है मानो प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह समाप्त हो चुकी हो। जिम्मेदार लोग आंखें बंद करके सोए हैं, तभी यह हालात बने हैं।
शिक्षकों पर अत्यधिक गैर-शैक्षणिक बोझ, आत्महत्या की घटनाएं बढ़ीं’
विधायक ने कहा कि वर्तमान में अर्धवार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं, लेकिन शिक्षकों को BLO और अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगा दिया गया है। आए दिन खबर आती है कि किसी शिक्षक ने अतिरिक्त बोझ से तंग आकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने सरकार से मांग की कि BLO का एक अलग पद सृजित किया जाए। जनगणना हो या कोई अन्य गणना, उसे BLO ही करे, लेकिन शिक्षकों को शैक्षणिक कार्यों से विचलित न किया जाए। शैक्षणिक गतिविधियां लगातार कम हो रही हैं और गैर-शैक्षणिक कार्यों में शिक्षकों को अधिक जोड़ा जा रहा है, जिससे वे प्रताड़ित हो रहे हैं। अर्धवार्षिक परीक्षाओं और शैक्षणिक सुधार के मद्देनजर शिक्षकों को तत्काल राहत दी जानी चाहिए।
‘वोटर लिस्ट सत्यापन में भी BLO को हो रही भारी परेशानी’
भाटी ने कहा कि वोटर लिस्ट की स्क्रूटनी ठीक तरीके से होनी चाहिए। जिनके वोट सही हैं, उन्हें कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। लेकिन जो गलत तरीके से वोट डाल रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। शहरों में BLO को चार-चार बार क्रॉस चेकिंग करनी पड़ रही है। लोगों के पास जरूरी दस्तावेज नहीं हैं, जिससे परेशानी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में न्यूनतम शामिल किया जाए ताकि शिक्षा की गुणवत्ता बनी रहे।
नई ग्राम पंचायतों के गठन पर पुनर्विचार जरूरी’
नई ग्राम पंचायतों के गठन पर बोलते हुए रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि नोटिफिकेशन तो आ गया, लेकिन जो काम होना था वह ठीक तरीके से नहीं हुआ। रात के समय कई गांवों को बिना वजह छेड़ दिया गया। कई जगह अनावश्यक बदलाव किए गए हैं। इन सब पर सरकार को फिर से विचार करना चाहिए।



