
ग्राम विकास समिति भेलू के बैनर तले ग्रामीणों ने संभागीय आयुक्त और कलेक्टर को दिए ज्ञापन
कोलायत तहसील के भेलू गांव में श्मशान भूमि और कुएं की जमीन पर लोगों ने दुकानें बना ली। किसी ने पक्के निर्माण करवाए तो किसी ने खोखे रख दिए। खसरा नंबर 245 में 1.02 हेक्टेयर भूमि और खसरा नंबर 243 में 0.44 हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जे हो रखे हैं।
आम जनता के लिए छोड़ी गई जमीन पर लोग व्यापार कर रहे हैं। इस संबंध में ग्राम विकास समिति, भेलू के बैनत तले लंबे समय से ग्रामीण अधिकारियों से मिलकर कब्जे हटाने की मांग कर रहे हैं। कोलायत तहसीलदार की तरफ से इस जमीन पर कब्जा करने वाले 91 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है। वहीं से कब्जे हटाने के आदेश भी हो रखे हैं। मगर, इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
इससे परेशान ग्रामीण गुरुवार को बीकानेर पहुंचे। उन्होंने संभागीय आयुक्त और जिला कलेक्टर से मिलकर उन्हें गांव की बेशकीमती सार्वजनिक जमीन से कब्जे हटवाने की मांग की। कोषाध्यक्ष चंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि
अधिकारियों को ज्ञापन देने पहुंचे भेलू गांव के ग्रामीण।
जिस जमीन पर प्रशासन ने कब्जा मान लिया है। वहां पर धड़ल्ले से दुकानें चल रही है। थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी उन पर कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि गांव में हो
रहे कब्जों को रुकवाया जाए, उनके पट्टे बनाने की कार्रवाई को भी बंद करवाया जाए। जो बन गए हैं, उन्हें खारिज किया जाए। ज्ञापन देने वालों में मंगलाराम, सीताराम, पप्पूराम, भवानी सिंह, देवी सिंह, श्याम सिंह, भैरू सिंह, स्वरूप सिंह, गुलाब सिंह, नूर सिंह आदि शामिल थे।




