SIR तो कोरोना से बड़ी महामारी है”, बीएपी सांसद राजकुमार रोत का चुनाव आयोग पर जुबानी हमला
बांसवाड़ा-डूंगरपुर सांसद ने कहा कि स्कूल तो खुली हुई हैं, लेकिन एसआईआर में ड्यूटी होने के चलते शिक्षक स्कूलों में नहीं है. इससे बच्चों की पढाई चौपट हो रही है

बांसवाडा-डूंगरपुर से बीएपी सांसद राजकुमार रोत ने डूंगरपुर में पत्रकार वार्ता की. उन्होंने SIR प्रक्रिया पर चुनाव आयोग को घेरते हुए सांसद राजकुमार रोत ने कोविड से बड़ी महामारी बताया है. रोत ने कहा कि एसआईआर की योजना अधिकारियों ने एसी ऑफिस में बैठकर बनाई है. गांवों की भौगोलिक स्थितियां अलग हैं. ग्रामीण क्षेत्र में घर दूर होते हैं, हर घर तक पहुंचने के लिए आधा घंटा तक खर्च होता है. ऐसे में बीएलओ 50 घरों तक एक दिन में ऐसे पहुंच पाएगा
सांसद बोले- बच्चों की पढ़ाई चौपट हो रही
उन्होंने एसआईआर को कोविड से भी बड़ी महामारी बताया. रोत ने कहा कि कोविड में स्कूलें बंद होने से पढ़ाई प्रभावित हुई थी. स्कूल तो खुली हुई हैं, लेकिन एसआईआर में ड्यूटी होने के चलते शिक्षक स्कूलों में नहीं है. इससे बच्चों की पढाई चौपट हो रही है
BLO पर वर्क लोड को कम करें- रोत
बीएसपी सांसद ने कहा, “मानसिक दबाव के चलते देशभर में 19 बीएलओ की अलग-अलग कारणों से मौत हो चुकी है. राजस्थान में भी कई बीएलओ की जान चली गई है. किसी को अटैक आ रहा है, कोई आत्महत्या कर रहा है. इसमें सरकार को सोचना चाहिए. एसआईआर में टाइम एक्स्टेंशन देना चाहिए और बीएलओ पर वर्क लोड को कम करना चाहिए.”
राजस्व मंत्री पर साधा निशाना
राजस्व मंत्री हेमंत मीणा द्वारा बीएपी के सूपड़ा साफ़ होने के बयान पर भी पलटवार किया. उन्होंने कहा, “लेकिन आप राजस्व मंत्री हैं, आपके कार्यकाल में कितने दलित-आदिवासी और पिछड़ो को पट्टे दिए हैं. आपको मौका मिला है तो आपको लोगो का भला करना चाहिए था, लेकिन आप किसी का भला नहीं कर पाए. बीएपी का सूपड़ा साफ़ हो या ना हो, लेकिन उनके विभाग का सूपड़ा साफ़ होने से सरकार का भी सूपड़ा साफ़ हो रहा है.”




