
सेड़वा। सरकारी भूमि पर वर्षों से चल रहे चालू स्थाई रास्तों को राजस्व अभिलेख में दर्ज करने की कड़ी में सेड़वा उपखण्ड अधिकारी बद्रीनारायण विश्नोई ने एक और कदम बढ़ाते हुए शुक्रवार को ग्राम पंचायत रोहिला के हिरोणी गोदारों की ढाणी से पुरोहितों के घरों तक की बस्ती को 3 किमी लंबा सरकारी रास्ता उपलब्ध करवाया । रोहिला के ग्रामीण गत कई सालों से सरकारी ख़सरा न 514/ 261 और 286 में से चालू परम्परागत स्थाई रास्ते को राजस्व अभिलेख नक्शे में दर्ज करने की मांग कर रहे थे, लेकिन कई बार भूमियों के विवाद को लेकर समाधान नहीं के कारण आम जनता को रास्ते का लाभ नहीं मिल पा रहा था, जिसके कारण ग्रामीणों को बड़ी भारी परेशानी हो रही थी ।रास्ते के अभाव में विद्यार्थियों को स्कूल जाने ,किसानों को अपने खेत की जुताई और पैदावार से वंचित होना पड़ता था ।रोहिला के ग्रामीणों ने एक बार फिर उपखण्ड अधिकारी सेड़वा बद्रीनारायण विश्नोई को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर रास्ता दिलवाने की मांग की । जिस पर एसडीओ विश्नोई ने तहसीलदार सेड़वा जोताराम मीना को मौका मुआयना कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए । तहसीलदार सेड़वा ने मौका रिपोर्ट बनाकर एसडीओ कार्यालय को भेजी । जिस पर एसडीओ विश्नोई ने रिपोर्ट का अवलोकन कर राजस्थान भू राजस्व नियमावली 1957 के नियम 60 एच के तहत रास्ता देने का आदेश जारी कर रोहिला के ग्रामीणों को आदेश की प्रति सौंपी। एसडीओ विश्नोई ने बताया कि आम जनता के सुखाधिकारों की सुरक्षा और व्यापक जनहित को देखते हुए क्षेत्र में गत एक वर्ष से अब तक 200 से अधिक आम रास्तों के आदेश जारी कर जनता को बड़ी राहत दी गई । उन्होंने कहा कि राजकीय भूमियों पर चल रहे चालू स्थाई रास्तों को तहसीलदार से मौका मुआयना करवा कर, निर्धारित चेक लिस्ट में प्रस्ताव लेकर उपखण्ड अधिकारी स्तर से राजस्थान भू राजस्व नियम 1957 के नियम 60 एच में वर्णित प्रावधानों के तहत आदेश जारी कर राजस्व अभिलेख और नक़्शे में अंकन किया जाता है । गोचर,चरागाह और चारनोट किस्म की सरकारी भूमियों में से चालू स्थाई रास्तों को जिला कलक्टर स्तर से स्वीकृति लेकर इसी नियम के तहत उपखण्ड स्तर से आदेश पारित कर आम जनता को समय-समय पर राहत दी जा रही है ।




