AjmerE-Paperक्राइमखेलटेक्नोलॉजीटॉप न्यूज़दुनियायुवाराजनीतिराजस्थानराज्यलोकल न्यूज़

राजस्थान में नेशनल-हाईवे पर खड़ी एंबुलेंसों के GPS खराब:30 फीसदी गाड़ियों के सिस्टम बंद मिले; कई मौके पर ही नहीं मिली

🌍 सिरोही जालोर 📽️ लाइव मिडिया 🎤

जयपुर : राजस्थान में राष्ट्रीय राजमार्गों (नेशनल हाईवे) पर आए दिन हादसे होते हैं। हादसों में घायल लोगों को समय पर एंबुलेंस नहीं मिलती, जबिक एंबुलेंस नेशलन हाईवे पर मौजूद टोल प्लाजा पर ही खड़ी रहती हैं। उन तक हादसों की सूचना ही नहीं पहुंच पाती, क्योंकि इन एम्बुलेंस में लगे जीपीएस सिस्टम ही खराब पड़े हैं।

पिछले महीने (सितंबर में) तैयार की गई रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। राजस्थान में मौजूद सभी नेशनल हाईवे पर कुल 131 एंबुलेंस NHAI और टोल वसूलने वाली कंपनियों ने तैनात कर रखी हैं। इन एंबुलेंस को जीपीएस के जरिए इमरजेंसी सर्विस 108 से कनेक्ट कर रखा है।

लेकिन चौंकाने वाली बात ये है कि इनमें से 30 फीसदी एंबुलेंस में तो जीपीएस सिस्टम या तो खराब हैं या बंद कर रखे हैं। इस कारण इमरजेंसी सर्विस 108 पर आने वाली कॉल इन एम्बुलेंस तक नहीं पहुंचा पाते। रिपोर्ट के मुताबिक जीपीएस सिस्टम बंद होने के कारण पिछले महीने पूरे प्रदेश में केवल 37 केस ही असाइन कर पाए हैं।

इस रिपोर्ट के बाद राजस्थान नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के निदेशक ने NHAI के महाप्रबंधक को एक पत्र लिखकर इन एंबुलेंस को सर्विस के लिए एक्टिवेट करने और संबंधित टोल प्लाजा के मैनेजरों को पाबंद कर उन पर कार्रवाई करने की अनुशंसा की है।

हाईवे पर एक्सीडेंट में घायल होने पर नहीं मिलता इलाज (फोटो सोर्स- एआई जेनरेटेड)

हाईवे पर एक्सीडेंट में घायल होने पर नहीं मिलता इलाज (फोटो सोर्स- एआई जेनरेटेड)

जो एंबुलेंस रजिस्टर्ड, वह मौके पर ही नहीं

इस रिपोर्ट के साथ एक रिपोर्ट और शामिल है, जिसमें बताया कि एक औचक निरीक्षण में पाया गया कि जयपुर-टोंक हाईवे पर शिवदासपुरा के पास चंदलाई स्थि​त टोल प्लाजा पर तैनात एंबुलेंस (रजिस्टर्ड एंबुलेंस) मौके पर मिली, वहां कोई दूसरी ही एंबुलेंस मिली।

इस टोल प्लाजा पर NHAI ने पोर्टल पर उत्तरप्रदेश और राजस्थान नंबर की दो अलग-अलग एंबुलेंस का तैनात करना बताया, लेकिन जब मौके पर टीम जांच करने गई तो वहां दोनों ही नंबर की एंबुलेंस नहीं मिली। ​कोई अलग नंबर की केवल एक ही एंबुलेंस मिली।

कॉन्ट्रेक्टर को सर्विस देना अनिवार्य

राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलने वाले वाहन चालकों से NHAI और टोल कंपनिया टोल टैक्स वसूलती हैं। इसके बदले इन वाहन चालकों के लिए इन टोल वसूलने वाली कंपनियों को कई तरह की सुविधाएं देनी पड़ती हैं, लेकिन वह नहीं मिलती हैं। इसमें एम्बुलेंस, यूटिलिटी (शौचालय), इमरजेंसी कॉल के लिए टेलीफोन बूथ इत्यादि।

सिरोही जालोर लाइव न्यूज़

माउंट आबू की वादियों से लेकर सांचौर के रेगिस्तान तक और भीनमाल की ऐतिहासिक धरती से लेकर शिवगंज के बाज़ारों तक, हमारी टीम ज़मीनी स्तर पर सक्रिय है। हम केवल खबरें ही नहीं दिखाते, बल्कि आम जनता की आवाज़ को प्रशासन तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम भी हैं। नमस्ते, मैं [ Kरावल ] हूँ, एक स्वतंत्र पत्रकार और [ सिरोही जालौर न्यूज़ ] का संस्थापक। सिरोही और जालोर की मिट्टी से जुड़ा होने के नाते, मेरा लक्ष्य अपने क्षेत्र की समस्याओं को उजागर करना और यहाँ की सकारात्मक खबरों को दुनिया के सामने लाना है। सालों के अनुभव और स्थानीय समझ के साथ, मैं और मेरी टीम न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से आप तक ऐसी खबरें पहुँचाते हैं जो सीधे आपसे जुड़ी हैं। "निष्पक्षता ही हमारी पहचान है और आपका विश्वास हमारी ताकत।"

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!