
जालोर। सुबोध विद्या मंदिर में अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस समारोह पुलिस की कालिका पेट्रोलिंग युनिट की प्रमीला कुमारी व छोटी कुमारी के मुख्य आतिथ्य में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पुलिस की कालिका पेट्रोलिंग युनिट की प्रमीला कुमारी ने बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं सरकार का प्रमुख कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य लिंग आधारित भेदभाव को समाज में खत्म करके बालिकाओं को उचित अवसर प्रदान करना है। अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस का आयोजन “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के उद्देश्यों के अनुरूप है, यह बालिकाओं के अस्तित्व, सुरक्षा और सशक्तिकरण के पति हमारी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है। छोटी कुमारी ने बालिकाओं को अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस की बधाई देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में बालिकाओं को देवी तुल्य माना है। जिस घर-परिवार और समाज में इनका मान सम्मान सत्कार होगा, वहाँ हमेशा विकास होगा। इसे आगे बढ़ने का अवसर दें और सशक्तिकरण में योगदान दें। कार्यक्रम के चलते विद्यालय के निदेशक संगीता परमार ने बालिकाओं को बताया। सन 2012 में पहला अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया गया। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 19 दिसंबर 2011 को प्रस्ताव पारित करके अंतराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने का निर्णय लिया। इस दिन का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण इनके अधिकार व लैंगिक असमानताओं को दूर करना व जागरूकता है, जिसके लिए समाज हेतु निरंतर कार्यप्रणाली का होना जरूरी है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. प्रवीण रामावत ने बताया कि भारत वो देश है जहाँ नारी के सम्मान को देवताओं की उपस्थिति से जोड़कर देखा जाता है। हमारी बेटियाँ हमारा मान-अभिमान और स्वाभिमान है। महिलाओं की शिक्षा के बिना समाज की विकास की कल्पना करना नामुमकिन है। एक पुरुष को शिक्षित करने की बात करें तो एक सदस्य शिक्षित होता है परन्तु एक महिला के शिक्षित होने से पूरा परिवार शिक्षित होता है। शिक्षा प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है। एक बालिका को शिक्षित करना उसके जीवन और समाज के हर दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। विद्यालय की बालिकाओं द्वारा भाषण व कविता प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम चलते विद्यालय परिवार के समस्त स्टाफ उपस्थित रहे।




