राजस्थान में सभी कफ सिरप की सप्लाई पर लगी रोक, दोबारा क्यूसी के लिए भेजा
राजस्थान की निशुल्क दवा योजना में खांसी की सिरप की क्वालिटी चेक के लिए वितरण रोका गया है। नमूने राज्य औषधि प्रयोगशाला भेजे गए। अन्य खांसी दवाओं की भी पुनः जांच जारी।

खांसी की दवा डेक्सट्रोमेथॉर्फ़न एचबीआर सिरप से बच्चों की दवा के मामले राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों में भी सामने आए हैं। मध्य प्रदेश में हिन्दवेअर में भी खांसी की दवा पीने से 6 बच्चों की मौत हो गई। राजस्थान में फैक्ट्री कंट्रोलर ने इस दवा के साथ अब सभी तरह के कफ सिरप के मसालों पर रोक लगा दी है।
राजस्थान मेडिकल कॉर्पोरेशन के निदेशक जय सिंह का कहना है कि राजस्थान में सभी तरह की कफ सिरप से क्वालिटी चेकिंग (QC) पाई जा रही है। तब तक के लिए युसुकी सप्ताई को रोक दिया गया है। साइंटिस्ट है कि खांसी की यह दवा, कंपनी द्वारा इस साल के लिए जून, 2025 के तहत आपूर्ति की जा रही है। इस सर्प को अब तक 1 लाख 64 हजार से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि 28 सितंबर से पहले उन्हें इस सीरप को लेकर एक भी याचिका नहीं मिली थी। लेकिन जानकारी के अनुसार सितंबर के दूसरे सप्ताह में बांस में करीब 7 बच्चे इस सर्प को लेकर गंभीर रूप से बीमार हो गए जिन्हें अस्पताल में भर्ती भी कराया गया।
आरएमएससीएल के जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. वैद्य गुप्ता ने बताया कि बांसुरी जिले में इस दवा के 50 हजार डोज मिले थे। इनमें से 13 हजार चिकित्सा कर्मचारी सुरक्षित रखे गए हैं। अब औषधियों के वितरण और उपयोग पर प्रतिबंध के निर्देश दिए गए हैं। डॉ. गुप्ता ने कहा कि जिले में जिस बैक की शिकायत मिली है, उसे यहां आपूर्ति नहीं की गई थी, लेकिन सुरक्षा का ध्यान रखते हुए उसे रोक दिया गया है।
राजस्थान में डेक्सट्रोमेथॉर्फन एचबीआर सिरप की खरीद जून 2025 से हो रही है। 28 सितंबर को दवा के संबंध में शिकायत होने के बाद पूरे प्रकरण की जांच के लिए विभाग ने तीन कार्मिक दिए
समिति भी संगीतकार कर दी है। इस समिति में आरएमएससीएल के कार्यकारी निदेशक (नियंत्रण), कार्यकारी निदेशक (लॉजिस्टिक्स) मुख्यमंत्री एवं नि:शुल्क औषधि योजना के शोधकर्ता अधिकारी को शामिल किया गया है। यह समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट देवी। रिपोर्ट आने वाले एपिसोड में स्क्वार्ड जरूरी सैक्स की जाएगी।
सेंटर की लाइब्रेरी थी, यह दवा 4 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए नहीं
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भारत सरकार ने इस दवा के संबंध में 2 साल पहले एक शेयर बाजार में कहा था कि यह दवा 4 साल के छोटे बच्चों के लिए नहीं है। प्रदेश में इस दवा से तबियत गरीबों का भी मामला सामने आया है सभी बच्चे 4 साल से कम उम्र के हैं।
आरएमएससीएल प्रबंधन ने बताया कि 28 सितंबर, 2025 को मेडिसिन डेक्सट्रोमेथॉर्फ़न एचबीआर सिरप आईपी 13.5एमजी/5एमएल [440] के बैच नंबर केएल-25/147 के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जून 29 सितंबर,2025 को जिला सीकर से मेडिसिन के बैच नंबर केएल-25/148 के संबंध में आरएमएससीएल को शिकायत मिली थी। शिकायत में बताया गया था कि सिरप का उपयोग उल्टी, निद्रा, बेचैनी, चक्कर आना, कमजोरी, बेचैनी जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं।
अन्य कंपनी द्वारा आपूर्ति की जा रही दवा के वितरण पर भी रोक
आरएमएस सीएल ने याचिका दायर की है जिसमें कहा गया है कि दवा से संबंधित सप्लॉयर द्वारा क्रिकेडीदेश के टोकरे में रखे गए सभी बच्चों पर तत्काल प्रभाव से उपयोग पर रोक लगा दी गई है। साथ ही, इस दवा का वितरण भी अन्य कंपनी द्वारा सप्लाई की जा रही है। पुन: गुणवत्ता जांच रिपोर्ट आगामी पर आगामी कार्यवाही की जाएगी।




