
जयपुर: जयपुर में मौसम के उतार-चढ़ाव से वायरल इंफेक्शन, सर्दी-जुकाम, बुखार और अस्थमा के मरीज बढ़ गए हैं। एसएमएस अस्पताल में ओपीडी 30% तक बढ़ी, जबकि जेकेलोन में मरीजों की संख्या 1500 पार पहुंची। बच्चे-बुजुर्ग अधिक प्रभावित हैं। डॉक्टरों ने गर्म पानी पीने, मास्क पहनने, पौष्टिक आहार लेने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।
राजधानी जयपुर में कभी गर्मी तो कभी बारिश के कारण बढ़ी सर्दी ने आमजन को बीमारियों की जद में ले लिया है। वायरल इंफेक्शन, सर्दी-जुकाम-बुखार, गले की खराश और अस्थमा-एलर्जी जैसी बीमारियों के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। एसएमएस सहित शहर के प्रमुख सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। एसएमएस की बात करें तो अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या में 25 से 30 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। वहीं बच्चों के अस्पताल जेकेलोन में भी इन दिनों ओपीडी बढ़कर 1500 को पार गई है। वहीं कांवटियां, गणगौरी, सेटेलाइट सहित निजी अस्पतालों में भी मरीजों की अच्छी खासी भीड़ है।
नमी और तापमान में उतार चढ़ाव से वायरस सक्रिय:
पिछले एक सप्ताह में वायरल बुखार और सर्दी-जुकाम के मरीजों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। अस्थमा और श्वास रोगियों की परेशानी भी काफी बढ़ गई है। खासकर बच्चे और बुजुर्ग तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। कई मरीजों को खांसी, गले में खराश, थकान और हल्के बुखार की शिकायत हो रही है। चिकित्सकों के अनुसार अमूमन वायरल इंफेक्शन तीन दिन में ठीक हो जाता है, लेकिन इस बाद पैटर्न बदला हुआ है और ठीक होने में पांच से सात दिन तक का समय लग रहा है।




