
जयपुर: करीब 2 हजार करोड़ रुपए के साइबर फ्रॉड मामले में श्रीगंगानगर के सदर थाना पुलिस ने आरोपियों की करोड़ों रुपए की संपत्तियां कुर्क कर दी हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट सिद्धार्थ गोदारा के आदेश पर थाना प्रभारी सुभाषचंद्र ढिल ने जयपुर में दो कोठियों और श्रीगंगानगर में दो भूखंडों को कब्जे में लेकर फ्रीज किया।पहली कोठी जयपुर के ओमेक्स सिटी, बड़ के बालाजी के पास अजमेर रोड स्थित प्लॉट नंबर 47, ब्लॉक नंबर 3 में 253 वर्गमीटर क्षेत्र में बनी है, जिसकी कीमत करीब तीन करोड़ रुपए है। दूसरी कोठी गिरधारीपुरा, अजमेर रोड स्थित अपोलो गृह निर्माण सहकारी समिति लिमिटेड के प्लॉट नंबर डी-266 पर बनी है, जिसकी कीमत भी करीब तीन करोड़ रुपए आंकी गई है।
श्रीगंगानगर में चक 7 ई छोटी स्थित मानवी एन्कलेव, नाथांवाला-सूरतगढ़ बायपास रोड पर दो भूखंड (20 बाय 80 फीट) को भी फ्रीज किया गया है। प्रत्येक भूखंड की कीमत करीब 45 लाख रुपए बताई गई है। ये संपत्तियां आरोपी मलकीत सिंह, दीपक आर्य और उसकी मां रेणु बाला के नाम पर हैं। एसपी डॉ. अमृता दुहन ने बताया कि आरोपियों ने कर्नाटक के विजयपुरा जिले में करीब दो हजार करोड़ की साइबर ठगी कर फरारी के दौरान जयपुर और श्रीगंगानगर में यह संपत्तियां खरीदी थीं। इनके पास कोई वैध आय स्रोत नहीं था। यह मामला जनवरी में सदर थाने में दर्ज हुआ था। अदालत ने 14 अक्टूबर को संपत्तियां फ्रीज करने के आदेश दिए थे।




