केंद्रीय मंत्री से स्वास्थ्य केंद्र का कटवा लिया फीता, नाराज विधायक बाहर से ही लौटे; जानें
बीकानेर में मुक्ताप्रसाद नगर स्वास्थ्य केंद्र के उद्घाटन पर केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने फीता काटा, जबकि विधायक जेठानंद व्यास देर से पहुंचे और बाहर से ही लौट गए। घटना पर सीएमएचओ ने समय की दलील दी, पर मामला अब सियासी बहस का केंद्र बन गया है।

राजनीति और प्रशासन के रिश्तों में सोमवार सुबह बीकानेर में ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने पूरे शहर में चर्चा छेड़ दी। मामला मुक्ताप्रसाद नगर स्थित राजकीय शहरी स्वास्थ्य केंद्र के उद्घाटन कार्यक्रम का था, जहां मंच तो दो नेताओं केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल और बीकानेर पश्चिम के विधायक जेठानंद व्यास के लिए सजा था, लेकिन फीता कट गया सिर्फ एक के हाथों से।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पुखराज साध ने दोनों अतिथियों को सुबह 9 बजे उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया था। लेकिन जब विधायक जेठानंद व्यास सुबह 9 बजकर 45 मिनट पर पहुंचे, तो हालात बदल चुके थे। फीता पहले ही कट चुका था, कार्यक्रम शुरू हो चुका था और केंद्रीय मंत्री मंच पर मौजूद थे। विधायक व्यास ने मुस्कुराते हुए बाहर से ही हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन किया और बिना भीतर गए लौट गए।

समय पर मंत्री पहुंच गए, इंतजार नहीं किया जा सका
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सवाल उठने लगे कि क्या विधायक के पहुंचने का थोड़ा इंतजार नहीं किया जा सकता था? इस पर सीएमएचओ पुखराज साध ने सफाई देते हुए कहा कि कार्यक्रम का निर्धारित समय सुबह 9 बजे था। विधायक समय पर नहीं पहुंचे, उनके पीए से भी संपर्क किया गया था। सीएमएचओ ने कहा कि उन्होंने थोड़ी देर का समय मांगा, लेकिन इस बीच केंद्रीय मंत्री समय पर पहुंच गए, इसलिए उनसे फीता कटवा लिया गया। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है।
बीकानेर की सियासत में पुरानी गूंज फिर सुनाई दी
यह घटना सिर्फ एक उद्घाटन का मामला नहीं रही, बल्कि बीकानेर की सियासत में पुराने आरोपों की गूंज फिर तेज हो गई। स्थानीय राजनीतिक हलकों में इसे अफसरशाही की मनमानी और एकतरफा निर्णयों का उदाहरण बताया जा रहा है। लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों से जनप्रतिनिधियों के सम्मान और प्रशासनिक समन्वय पर सवाल खड़े होते हैं।
कुछ समय पहले भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ भी बीकानेर पश्चिम के विधायक जेठानंद व्यास के बुलावे पर विधायक सुनवाई केंद्र का उद्घाटन करने आए थे। तब भी मंच से अधिकारियों की मनमर्जी और एक ही नेता के इशारे पर प्रशासन चलने की शिकायतें उठी थीं। राठौड़ ने तब मंच से चेतावनी दी थी कि अफसर भूलें नहीं कि जनता के प्रतिनिधियों का सम्मान सर्वोपरि है।
‘फीता प्रकरण’ बना चर्चा का विषय
मुक्ताप्रसाद नगर स्वास्थ्य केंद्र के इस उद्घाटन के बाद अब ‘फीता प्रकरण’ शहर की चर्चा का सबसे गर्म विषय बन गया है। लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह सिर्फ एक संयोग था, या फिर प्रशासन में किसी खास व्यक्ति का अत्यधिक प्रभाव वास्तव में काम कर रहा है। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, जहां लोग अपनी-अपनी राय रख रहे हैं।




