
सिरोही/पिण्डवाड़ा। जिले में आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले झोलाछाप डॉक्टरों पर शिकंजा कसने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार सख़्त कदम उठा रहा है। इसी अभियान के तहत मंगलवार 23 सितम्बर 2025 को पिण्डवाड़ा ब्लॉक में तीन अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों पर बड़ी कार्रवाई की गई।
जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. दिनेश खराड़ी के निर्देशानुसार गठित टीम ने अजारी गाँव और उदयपुर रोड पिण्डवाड़ा में दबिश दी। इस दौरान अजारी गाँव में मंतोष विश्वास तथा उदयपुर रोड पर कमलेश और बी.के. विश्वास नामक व्यक्तियों को बिना किसी वैध चिकित्सकीय डिग्री और पंजीकरण के क्लीनिक संचालित करते हुए पकड़ा गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ये लोग लंबे समय से भोले-भाले ग्रामीणों को गुमराह कर अवैध तरीके से इलाज कर रहे थे।
पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज, कानूनी शिकंजा कसेगा
कार्रवाई के बाद तीनों झोलाछापों के विरुद्ध पिण्डवाड़ा पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। अब उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज होकर न्यायालय में कठोर कानूनी कार्रवाई चलेगी। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के मामलों में दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति को दंड व कारावास तक का प्रावधान है।

औषधियाँ और चिकित्सकीय उपकरण जब्त
जाँच के दौरान क्लीनिकों से बड़ी मात्रा में दवाइयाँ, इंजेक्शन, सिरिंज, ड्रिप सेट और अन्य चिकित्सकीय उपकरण जब्त किए गए। यह सामग्री बिना किसी लाइसेंस और मान्यता के उपयोग में लाई जा रही थी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा मरीजों को दी जाने वाली गलत दवाइयाँ और इलाज गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करते हैं। कई बार छोटे-छोटे रोगों का गलत इलाज मरीजों की जान तक ले लेता है।

ग्रामीणों ने की कार्रवाई की सराहना
अजारी और पिण्डवाड़ा क्षेत्र के ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की इस सख़्ती का स्वागत किया। ग्रामीणों का कहना था कि सही चिकित्सक की पहचान करना आमजन के लिए मुश्किल हो जाता है और झोलाछापों की वजह से कई बार मरीजों को गंभीर दिक़्क़तों का सामना करना पड़ता है। लोगों ने विभाग से इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रखने की मांग भी की।

सीएमएचओ की अपील – सतर्क रहें और सूचना दें
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश खराड़ी ने कहा कि ग्रामीण अंचलों में झोलाछाप डॉक्टर आमजन के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं। विभाग लगातार ऐसे अवैध क्लीनिकों पर नजर रख रहा है और भविष्य में भी इसी तरह की कार्रवाइयाँ जारी रहेंगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी संदिग्ध व्यक्ति इलाज करता दिखे तो तुरंत इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग या नज़दीकी पुलिस थाने को दें।
कार्रवाई में जुटी टीम : इस कार्रवाई का नेतृत्व ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी (बीसीएमओ) पिण्डवाड़ा डॉ. भूपेन्द्र प्रताप सिंह ने किया। टीम में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पिण्डवाड़ा के चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनीष भार्गव, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर रोहिताश कुमार, फार्मासिस्ट अशोक कुमार और दिलीप कुमार शामिल रहे। वहीं पुलिस पक्ष से कांस्टेबल गणपत एवं सुनील कुमार ने सहयोग किया।




