
बैठक को सम्बोधित करते हुए जिला कलेक्टर चौधरी ने कहा कि सभी जिला स्तरीय अधिकारी अपने विभाग से सम्बन्धित संपर्क पोर्टल के प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करें और उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होने बताया कि सभी जिला स्तरीय अधिकारी अपने अधीनस्थ अधिकारियों के स्तर पर लंबित प्रकरणों का भी निरंतर पर्यवेक्षण करे और सुनिश्चित करें कि प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कर परिवादी को राहत प्रदान की जाए।
जिला कलेक्टर ने इस दौरान ब्लॉक वार एवं विभाग वार लंबित प्रकरणों तथा निस्तारित प्रकरणों की समीक्षा भी की उन्होंने राज्य स्तर पर लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए भी सम्बन्धित जिला स्तरीय अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही के लिए निर्देशित किया।
जिला कलेक्टर चौधरी ने जिले में पेंशन वेरिफिकेशन और पालनहार योजना के तहत लंबित सत्यापन की भी समीक्षा की और सम्बन्धित अधिकारियों को लंबित सत्यापन अतिशीघ्र पूर्ण कर प्रगति लाने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने इस कार्य के लिए सभी सम्बन्धित अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए प्रत्येक पात्र को लाभान्वित करने की बात कही।
इस दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ दिनेश राय सापेला, मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रकाश चंद अग्रवाल, कोषाधिकारी अलका राव, डिस्कॉम एसई हेमेन्द्र जिंदल, वॉटर शेड एसई संजय दवे, जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक सहीराम विश्नोई, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक राजेन्द्र कुमार पुरोहित, डीओआईटी के संयुक्त निदेशक गोविन्द चौधरी सहित अन्य उपस्थित थे।




